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Varanasi News: फॉरेन लैंग्वेज के नाम पर सिर्फ अंग्रेजी की पढ़ाई, CBSE के 168 स्कूलों में मात्र 20 शिक्षक
Fri, 05 Apr 2024 10:40 AM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 05 Apr 2024 10:40 AM IST
सार
Varanasi News: कक्षा एक से आठवीं के तक सीबीएसई स्कूलों की भरमार है। स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले छठवीं के बच्चों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों की तादाद बेहद कम है। जर्मन, फ्रेंच और अंग्रेजी में से कोई एक विदेशी भाषा और दो भारतीय भाषाओं की कक्षा चलाने को कहा गया है।
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CBSE
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीबीएसई ने नए सत्र से सभी स्कूलों को कक्षा छह में एक फॉरेन लैंग्वेज और दो भारतीय भाषाओं की कक्षाएं अनिवार्य कर दी हैं। जर्मन, फ्रेंच और अंग्रेजी में से कोई एक विदेशी भाषा और दो भारतीय भाषाओं की कक्षा चलाने को कहा गया है। लेकिन, विदेशी और अन्य भारतीय भाषाओं के शिक्षकों की भारी कमी इस व्यवस्था के आड़े आ रही है।
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विदेशी और भारतीय भाषाओं के पर्याप्त शिक्षक न होने के कारण ज्यादातर सीबीएसई स्कूलों में विदेशी भाषा के नाम पर सिर्फ अंग्रेजी और भारतीय के नाम पर हिंदी और संस्कृत विषय ही पढ़ाए जा रहे हैं।
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वाराणसी के सीबीएसई स्कूलों में विदेशी भाषाओं के सिर्फ 15-20 शिक्षक ही हैं। जबकि कक्षा एक से 10वीं और 12वीं तक के पंजीकृत सीबीएसई स्कूलों की संख्या 168 है। इसके अलावा कक्षा एक से आठवीं के तक सीबीएसई स्कूलों की भरमार है। स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले छठवीं के बच्चों की संख्या के मुकाबले शिक्षकों की तादाद बेहद कम है।
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बोले अधिकारी
जिन स्कूलों में पहले से फ्रेंच और जर्मन भाषाओं की कक्षाएं चल रहीं हैं, उन्होंने शिक्षकों की व्यवस्था कर रखी है। अन्य स्कूल विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी और हिंदी भाषा के रूप में हिंदी और संस्कृत पढ़ा रहे हैं। ऐसे में कक्षा छह में एक फॉरेन और दो भारतीय भाषाओं को अनिवार्य रूप से पढ़ाने के सीबीएसई के मानक पूरे करने में बाधा नहीं आएगी। - गुरदीप कौर, सिटी को-ऑर्डिनेटर, सीबीएसई