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इस दीपावली पर ऑनलाइन शॉपिंग ने छीनी बाजार की ‘लक्ष्मी’
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:05 PM IST
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ऑनलाइन शॉपिंग
- फोटो : Market Land
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ऑनलाइन शॉपिंग दीपावली ऑफर से भले ही लोगों की चांदी हो रही है लेकिन इससे पारंपरिक बाजार की चमक फीकी पड़ती नजर आ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर मोबाइल, लैपटॉप, कपड़ा, जूता, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट पर पड़ा है।
तंग गलियों में रहने वाले पुराने शहरवासी हों या आधुनिकता की बयार लिए वीआईपी कॉलनियों, घरों में रहने वाली महिलाएं हों या फिर कॉलेज जाने वाले युवक/युवतियां। बनारसियों पर ऑनलाइन शॉपिंग का जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग पर इन दिनों ऑफर्स और डिस्काउंट की भरमार ने उनके लिए मनपसंद खरीदारी की राह और आसान कर दी है।
ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ने से सिगरा, मलदहिया, गोदौलिया, लहुराबीर, दालमंडी, नई सड़क सहित सभी बाजारों के दुकानदार खासे चिंतित हैं। मलदहिया के विनायक प्लाजा स्थित एक मोबाइल शोरूम मालिक ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग के कारण मोबाइल की बिक्री पिछले दो साल के मुकाबले इस साल काफी कम है।
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ऑनलाइन में ग्राहक अपनी रेंज के हिसाब से 100 से ज्यादा मोबाइल देखता है और फिर एक चुनता है। दाम भी वहां के मुकाबले 10 से 30 फीसदी तक कम है। हालांकि इससे वह निराश नहीं हैं। जिन ग्राहकों को आज के आज मोबाइल चाहिए वो शॉप से ही लेते हैं। साथ ही, कई लोग अब भी ऑनलाइन के बजाए सीधे दुकानों से खरीद पर भरोसा करते हैं।
सिगरा स्थित शू शॉप के ओनर ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग शहरी क्षेत्र के लोग अधिक करते हैं। गांवों के साथ ही शहर में भी तमाम लोग आज भी दुकानों से ही खरीदारी करते हैं। हां, ऑनलाइन शॉपिंग से प्रतिस्पर्धा जरूर बढ़ गई है और इसका असर बिक्री पर भी पड़ा है।
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तंग गलियों में रहने वाले पुराने शहरवासी हों या आधुनिकता की बयार लिए वीआईपी कॉलनियों, घरों में रहने वाली महिलाएं हों या फिर कॉलेज जाने वाले युवक/युवतियां। बनारसियों पर ऑनलाइन शॉपिंग का जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग पर इन दिनों ऑफर्स और डिस्काउंट की भरमार ने उनके लिए मनपसंद खरीदारी की राह और आसान कर दी है।
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ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड बढ़ने से सिगरा, मलदहिया, गोदौलिया, लहुराबीर, दालमंडी, नई सड़क सहित सभी बाजारों के दुकानदार खासे चिंतित हैं। मलदहिया के विनायक प्लाजा स्थित एक मोबाइल शोरूम मालिक ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग के कारण मोबाइल की बिक्री पिछले दो साल के मुकाबले इस साल काफी कम है।
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ऑनलाइन में ग्राहक अपनी रेंज के हिसाब से 100 से ज्यादा मोबाइल देखता है और फिर एक चुनता है। दाम भी वहां के मुकाबले 10 से 30 फीसदी तक कम है। हालांकि इससे वह निराश नहीं हैं। जिन ग्राहकों को आज के आज मोबाइल चाहिए वो शॉप से ही लेते हैं। साथ ही, कई लोग अब भी ऑनलाइन के बजाए सीधे दुकानों से खरीद पर भरोसा करते हैं।
सिगरा स्थित शू शॉप के ओनर ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग शहरी क्षेत्र के लोग अधिक करते हैं। गांवों के साथ ही शहर में भी तमाम लोग आज भी दुकानों से ही खरीदारी करते हैं। हां, ऑनलाइन शॉपिंग से प्रतिस्पर्धा जरूर बढ़ गई है और इसका असर बिक्री पर भी पड़ा है।
कुछ ऐसा है कपड़ा और लैपटॉप का हाल
रेडीमेड गारमेंट्स
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ऐसा ही हाल कपड़ों की दुकानों और शोरूम्स का है। ऑनलाइन शॉपिंग में भारी डिस्काउंट के कारण ग्राहक यहां भी उसी रेट में कपड़ों की मांग करते हैं। एलईडी टीवी, फ्रीज, गीजर इत्यादि पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है लेकिन किचन के इस्तेमाल वाले उपकरणों की सेल जरूर कम हो गई है।
एक लैपटॉप कंपनी के सेल्स रिप्रजेंटेटिव ने बताया कि पहले जैसी दिवानगी अब लोगों में नहीं रही। वो ऑनलाइन सर्च कर लैपटॉप के बारे में जानकारी जुटाते हैं, फिर वहीं से ले भी लेते हैं।
धनतेरस पर लैपटॉप खरीदने के लिए भीड़ उमड़ती थी लेकिन पिछले दो वर्ष में काफी कमी आई है। ऑनलाइन में उन्हें अच्छा डिस्काउंट मिल जाता है सो लोग दुकानों में कम आते हैं।
हाल में हुए कई सर्वे में सामने आया है कि छोटे शहरों के बाजारों में भी ऑनलाइन शॉपिंग के कारण 40-से 45 फीसदी तक असर पड़ा है। उद्योग मंडल एसोचैम ने पहले ही एक सर्वेक्षण के बाद कहा है कि इस बार त्योहारी महीने में देश भर में ऑनलाइन शॉपिंग 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
एक लैपटॉप कंपनी के सेल्स रिप्रजेंटेटिव ने बताया कि पहले जैसी दिवानगी अब लोगों में नहीं रही। वो ऑनलाइन सर्च कर लैपटॉप के बारे में जानकारी जुटाते हैं, फिर वहीं से ले भी लेते हैं।
धनतेरस पर लैपटॉप खरीदने के लिए भीड़ उमड़ती थी लेकिन पिछले दो वर्ष में काफी कमी आई है। ऑनलाइन में उन्हें अच्छा डिस्काउंट मिल जाता है सो लोग दुकानों में कम आते हैं।
हाल में हुए कई सर्वे में सामने आया है कि छोटे शहरों के बाजारों में भी ऑनलाइन शॉपिंग के कारण 40-से 45 फीसदी तक असर पड़ा है। उद्योग मंडल एसोचैम ने पहले ही एक सर्वेक्षण के बाद कहा है कि इस बार त्योहारी महीने में देश भर में ऑनलाइन शॉपिंग 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।