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परियोजनाओं की होगी रीयल टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग
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परियोजनाओं की होगी रीयल टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग
साफ्टवेयर बनाने के लिए हैदराबाद की कंपनी को प्रशासन ने सौंपा जिम्मा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। परियोजनाओं की लेटलतीफी से आजिज प्रशासन अब इसकी ऑनलाइन मानिटरिंग कराएगा। इसके लिए प्रशासन ने हैदराबाद की एक कंपनी को जिम्मा सौंपा है। कंपनी की ओर से तैयार सॉफ्टवेयर के जरिए परियोजनाओं के विवरण के साथ उनमें लेटलतीफी का कारण भी दिखेगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच होने वाले समन्वय के अभाव को भी सॉफ्टवेयर के जरिए समाप्त करने की तैयारी है।
दरअसल, वाराणसी में ज्यादातर परियोजनाएं समय से पूरी नहीं हो पा रही हैं और वर्तमान में चल रहीं परियोजनाएं भी लेट हो चुकी हैं। ऐसे में प्रशासन एक निजी बैंक के साथ करार कर हैदराबाद की कंपनी से सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इसमें प्रत्येक परियोजनाओं की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट अपलोड की जाएगी। फोटो अपलोड होते ही सॉफ्टवेयर बताएगा कि कितना काम हुआ है और अब कितना बाकी है। इसके अलावा सभी विभागों की रिपोर्ट को भी इसमें ऑनलाइन किया जाएगा। इसके माध्यम से विभागों में समन्वय को भी ऑनलाइन किया जा सकेगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि निजी बैंक अपने सीएसआर के तहत कंपनी को फंड उपलब्ध कराएंगे और निजी कंपनी के सॉफ्टवेयर से योजनाओं की रीयल टाइम मानिटरिंग कराई जाएगी।
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साफ्टवेयर बनाने के लिए हैदराबाद की कंपनी को प्रशासन ने सौंपा जिम्मा
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। परियोजनाओं की लेटलतीफी से आजिज प्रशासन अब इसकी ऑनलाइन मानिटरिंग कराएगा। इसके लिए प्रशासन ने हैदराबाद की एक कंपनी को जिम्मा सौंपा है। कंपनी की ओर से तैयार सॉफ्टवेयर के जरिए परियोजनाओं के विवरण के साथ उनमें लेटलतीफी का कारण भी दिखेगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच होने वाले समन्वय के अभाव को भी सॉफ्टवेयर के जरिए समाप्त करने की तैयारी है।
दरअसल, वाराणसी में ज्यादातर परियोजनाएं समय से पूरी नहीं हो पा रही हैं और वर्तमान में चल रहीं परियोजनाएं भी लेट हो चुकी हैं। ऐसे में प्रशासन एक निजी बैंक के साथ करार कर हैदराबाद की कंपनी से सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इसमें प्रत्येक परियोजनाओं की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट अपलोड की जाएगी। फोटो अपलोड होते ही सॉफ्टवेयर बताएगा कि कितना काम हुआ है और अब कितना बाकी है। इसके अलावा सभी विभागों की रिपोर्ट को भी इसमें ऑनलाइन किया जाएगा। इसके माध्यम से विभागों में समन्वय को भी ऑनलाइन किया जा सकेगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि निजी बैंक अपने सीएसआर के तहत कंपनी को फंड उपलब्ध कराएंगे और निजी कंपनी के सॉफ्टवेयर से योजनाओं की रीयल टाइम मानिटरिंग कराई जाएगी।
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