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45 में मंडी से खरीदकर लाए और 60 से 80 रुपये में बेच रहे प्याज
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वाराणसी। बारिश और बाढ़ के बीच सब्जियों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। भाव के मामले में प्याज तो सेब की बराबरी करने लगा है। इसकी अहम वजह फुटकर सब्जी विक्रेताओं की मनमानी है। वह ग्राहकों को बारिश और बाढ़ का हवाला देकर बरगला रहे हैं और जो मन में आता है उस भाव में प्याज सहित अन्य सब्जियां बेच रहे हैं।
पहडि़या मंडी के आढ़तियों के अनुसार, मौजूदा समय में वह अच्छी क्वालिटी का प्याज 40 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं, जबकि 15 दिन पहले 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम रेट था। हालांकि यही प्याज शहर के अलग-अलग इलाकों में 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। लहसुन की बात करें तो 15 दिन पहले पहडि़या मंडी में यह 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा था, लेकिन सोमवार को 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिका। सब्जियों के फुटकर बाजार की बात करें तो बीते 15 दिन में टमाटर 20 रुपये प्रति किलो से 40 रुपये किलो, करेला 20 रुपये प्रति किलो से 40 रुपये किलो और कद्दू 15 से 20 रुपये किलो से 30 रुपये प्रति किलो बेजा जाने लगा है। भिंडी, अदरक, परवल और नेनुआ के दाम में भी इसी तरीके से बढ़े हैं।
क्या कहते हैं आढ़ती
पहडि़या मंडी के आढ़ती सुभाष सिंह ने बताया कि प्याज बाहर से आता है। मौसम की मार की वजह से दाम में बढ़ोतरी हुई है। मौसम सही होगा तो प्याज सहित अन्य सब्जियों के दाम में कमी आएगी। नंदलाल जायसवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश में बाढ़ के कारण लहसुन और प्याज की फसल बरबाद हो गई है। बाढ़ और बारिश के कारण प्याज और लहसुन की खेप भी नहीं आ पा रही है, इस वजह से दाम में बढ़ोतरी हुई है। आढ़ती रवि सिंह ने कहा कि प्याज की बढ़ी कीमतों के पीछे पाकिस्तान वगैरह की कोई भूमिका नहीं है। मौसम सही होगा तो दाम में कमी आएगी।
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पहडि़या मंडी के आढ़तियों के अनुसार, मौजूदा समय में वह अच्छी क्वालिटी का प्याज 40 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रहे हैं, जबकि 15 दिन पहले 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम रेट था। हालांकि यही प्याज शहर के अलग-अलग इलाकों में 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा है। लहसुन की बात करें तो 15 दिन पहले पहडि़या मंडी में यह 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा था, लेकिन सोमवार को 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिका। सब्जियों के फुटकर बाजार की बात करें तो बीते 15 दिन में टमाटर 20 रुपये प्रति किलो से 40 रुपये किलो, करेला 20 रुपये प्रति किलो से 40 रुपये किलो और कद्दू 15 से 20 रुपये किलो से 30 रुपये प्रति किलो बेजा जाने लगा है। भिंडी, अदरक, परवल और नेनुआ के दाम में भी इसी तरीके से बढ़े हैं।
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क्या कहते हैं आढ़ती
पहडि़या मंडी के आढ़ती सुभाष सिंह ने बताया कि प्याज बाहर से आता है। मौसम की मार की वजह से दाम में बढ़ोतरी हुई है। मौसम सही होगा तो प्याज सहित अन्य सब्जियों के दाम में कमी आएगी। नंदलाल जायसवाल ने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश में बाढ़ के कारण लहसुन और प्याज की फसल बरबाद हो गई है। बाढ़ और बारिश के कारण प्याज और लहसुन की खेप भी नहीं आ पा रही है, इस वजह से दाम में बढ़ोतरी हुई है। आढ़ती रवि सिंह ने कहा कि प्याज की बढ़ी कीमतों के पीछे पाकिस्तान वगैरह की कोई भूमिका नहीं है। मौसम सही होगा तो दाम में कमी आएगी।
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