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प्याज के भाव में ‘नरमी’ की उम्मीद
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वाराणसी। प्याज के थोक और फुटकर दाम में एक दो दिन में गिरावट आ सकती है। इसका कारण देसावर (जिन क्षेत्रों से सामान आता है) में प्याज के भाव में कमी आना है। बाजार के जानकारों के अनुसार, यह गिरावट 5-10 रुपये तक हो सकती है।
जमाखोरों पर केंद्र सरकार की सख्ती और पड़ोसी देशों को किए जाने वाले निर्यात पर नियंत्रण का असर प्याज के भाव पर दिखने लगा है। नासिक में प्याज के दाम 20 से 25 रुपये पहुंच गए हैं। इसका असर जल्द ही पूर्वांचल के थोक और फुटकर बाजार पर दिखेगा। प्याज की नई खेप पहुंचने पर यहां भी मूल्य में गिरावट आएगी। अभी मंडी में प्याज के दाम 35 से 40 रुपये किलो हैं। इसकी वजह से फुटकर बाजार में भी प्याज के दाम बढ़े हैं।
आम लोगों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने का दावा करने वाले मंडी परिषद के विक्रय केंद्र पर ही दामों पर नियंत्रण नहीं है। चार दिन पहले 32 रुपये किलो से बिक्री की शुरुआत हुई और गुरुवार को दाम 40 रुपये किलो तक पहुंच गए। इससे विक्रय केंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ता निराश हैं। कई उपभोक्ता बिना प्याज लिए ही वापस लौट गए।
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जमाखोरों पर केंद्र सरकार की सख्ती और पड़ोसी देशों को किए जाने वाले निर्यात पर नियंत्रण का असर प्याज के भाव पर दिखने लगा है। नासिक में प्याज के दाम 20 से 25 रुपये पहुंच गए हैं। इसका असर जल्द ही पूर्वांचल के थोक और फुटकर बाजार पर दिखेगा। प्याज की नई खेप पहुंचने पर यहां भी मूल्य में गिरावट आएगी। अभी मंडी में प्याज के दाम 35 से 40 रुपये किलो हैं। इसकी वजह से फुटकर बाजार में भी प्याज के दाम बढ़े हैं।
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आम लोगों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने का दावा करने वाले मंडी परिषद के विक्रय केंद्र पर ही दामों पर नियंत्रण नहीं है। चार दिन पहले 32 रुपये किलो से बिक्री की शुरुआत हुई और गुरुवार को दाम 40 रुपये किलो तक पहुंच गए। इससे विक्रय केंद्र पहुंचने वाले उपभोक्ता निराश हैं। कई उपभोक्ता बिना प्याज लिए ही वापस लौट गए।
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