बीएचयू स्टेडियम में बनेगा एक हजार बेड का अस्थाई अस्पताल,सभी मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी
एक ही स्थान पर अधिक से अधिक मरीजों का इलाज सुगमता से हो सकेगा
जर्मन हैंगर से निर्मित यह अस्पताल अगले दो हफ्तों में तैयार कर लिया जायेगा
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वाराणसी। कोरोना संक्रमण की विस्फोटक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बीएचयू के स्टेडियम में एक हजार बेड का अस्थाई बेड बनाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर डीआरडीओ ने पांडाल में अस्पताल निर्माण का सर्वे भी शुरू कर दिया है। 15 दिनों में अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से युक्त अस्थाई अस्पताल तैयार कर लिया जाएगा।
सर्किट हाउस में एमएलसी व कोविड प्रभारी एके शर्मा की अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारियों की सोमवार को बैठक हुई। इसमें अस्थाई अस्पताल के निर्माण से लेकर संचालन तक पर चर्चा की गई। एमएलसी एके शर्मा ने बताया कि जर्मन हैंगर से निर्मित यह अस्पताल अगले दो हफ्तों में डीआरडीओ द्वारा 24 घंटे कार्य करते हुए तैयार कर लिया जायेगा। इस अस्पताल के लिए विद्युत आपूर्ति, पानी तथा सीवर के कनेक्शन के लिए फील्ड विजिट संबंधित अधिकारियों द्वारा सोमवार से ही प्रारंभ कर दिया गया है।
डीआरडीओ के द्वारा फार्मेसी, आक्सीजन सप्लाई, मर्चरी आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां बता दें कि वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोविड की बिगड़ी व्यवस्था पर प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इसके बाद से माना जा रहा था कि व्यवस्था में सुधार होगा। कारण, सुविधाओं के अभाव में मरीज दर-दर भटक रहे हैं। उधर, आक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति को लेकर कवायद की जा रही है। बैठक में एमएलसी एके शर्मा के अलावा मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी सहित डीआरडीओ, बीएचयू, सीपीडब्ल्यूडी, विद्युत के अधिकारी मौजूद रहे।
अस्थाई अस्पताल के लिए
डाक्टर्स, मेडिकल स्टाफ व अन्य टेक्नीशियन की व्यवस्था में प्रशासन अभी से युद्ध स्तर पर जुट गया है। बीएचयू के डाक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का डाटा भी इस अस्पताल के लिए तलब किया गया है। एक ही स्थान पर अधिक से अधिक मरीजों का इलाज सुगमता से किया जा सकेगा। इसके लिए दूसरे जिलों के स्टॉफ का ब्यौरा तलब कर मंथन किया जा रहा है।
रेलवे और कैंसर अस्पताल में कोविड बेड
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि रेलवे और होमी भाभा कैंसर अस्पताल के एक हिस्से को कोविड अस्पताल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए बातचीत हो गई है। इसमें स्टॉफ और अस्पताल के ब्लाक को चिह्नित कर कार्रवाइ शुरू कराई गई है।
आक्सीजन की व्यवस्था पटरी पर नहीं
गंभीर मरीजों की बढ़ती संख्या और आक्सीजन की मांग के चलते यह व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। प्रशासन ने पांच हजार सिलेंडर की मांग भेजी है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि मांग के सापेक्ष महज 70 फीसदी आक्सीजन मिल रहा है। आपूर्ति को पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।