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Varanasi News: पितृकुंड पर पितरों के लिए तो धनेसरा पर कुबेर के लिए होगा दीपदान
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- रामकुंड पर रामेश्वर महादेव और कंदवा पर कर्दमेश्वर महादेव के लिए जलेंगे दीप
- देव दीपावली पर कुंडों पर देवी-देवताओं के लिए श्रद्धालु करेंगे दीपदान
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। देव दीपावली पर गंगा घाट के साथ ही कुंडों पर भी दीप जगमगाएंगे। 84 घाटों के अलावा 63 कुंडों पर अलग-अलग आयोजन होंगे। कहीं पितरों के लिए तो कहीं धन के देवता के लिए कहीं स्वच्छता जागरूकता का संदेश देते हुए दीप जलाएंगे। कुंडों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय समितियों के साथ ही आमजन भी इसमें सहभागिता करेंगे।
15 नवंबर को देव दीपावली पर गंगा के अर्धचंद्राकार घाटों के अलावा काशी के तीर्थ कुंड भी दीपों की आभा से दैदीप्यमान होंगे। पितृकुंड पर पितरों के लिए श्रद्धालु 11 हजार से अधिक दीप जलाने की तैयारी कर रहे हैं। केंद्रीय ब्राह्मण महासभा व सनातन रक्षक दल की ओर से पितृकुंड पर पितरों के लिए दीपक अर्पित किए जाएंगे। इसमें आम जनता भी पितरों के लिए दीपदान कर सकते हैं। धनेसरा कुंड पर धन के देवता भगवान कुबेर और स्वच्छता के लिए दीपदान किया जाएगा।
इसके अलावा सरैयां कुंड पर बाबा लाटभैरव, रामकुंड पर रामेश्वर महादेव व भगवान राम, कर्दमेश्वर कुंड कर्दमेश्वर महादेव व भगवान राम के साथ ही समस्त देवी-देवताओं के लिए दीपदान होगा। कंदवा स्थित कर्दमेश्वर कुंड पर 51 हजार दीपक जलाए जाएंगे। मणिकर्णिका तीर्थ पर चक्रपुष्करणी कुंड पर भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता पार्वती के लिए दीपदान किया जाएगा। कपिलधारा कुंड पर ऋषि मुनियों के साथ ही भगवान शिव, ईश्वरगंगी कुंड पर सर्वदेव, पुष्कर तालाब पर भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ ही सर्वदेवों के लिए दीप जलाए जाएंगे। सारंगनाथ तालाब पर सारंग महादेव सहित सर्वदेवों के लिए दीपदान होगा।
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पर्यटन कार्यालय पर पहुंचे साढ़े नौ लाख दीपक
नमो घाट स्थित पर्यटन कार्यालय पर साढ़े नौ लाख दीपक पहुंच चुके हैं। इन दीयों को देव दीपावली पर जलाया जाएगा। इन दीयों को स्वयं सहायता समूहों ने भेजा है। इसमें गाय के गोबर से तैयार दीपक भी हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार काशी के 84 घाटों पर जलाने के लिए पूर्वांचल के कई जिलों से बनकर दीये आ रहे हैं। गोबर से तैयार दीसे पूरी तरह से जलकर राख हो जाएंगे।
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- देव दीपावली पर कुंडों पर देवी-देवताओं के लिए श्रद्धालु करेंगे दीपदान
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। देव दीपावली पर गंगा घाट के साथ ही कुंडों पर भी दीप जगमगाएंगे। 84 घाटों के अलावा 63 कुंडों पर अलग-अलग आयोजन होंगे। कहीं पितरों के लिए तो कहीं धन के देवता के लिए कहीं स्वच्छता जागरूकता का संदेश देते हुए दीप जलाएंगे। कुंडों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्थानीय समितियों के साथ ही आमजन भी इसमें सहभागिता करेंगे।
15 नवंबर को देव दीपावली पर गंगा के अर्धचंद्राकार घाटों के अलावा काशी के तीर्थ कुंड भी दीपों की आभा से दैदीप्यमान होंगे। पितृकुंड पर पितरों के लिए श्रद्धालु 11 हजार से अधिक दीप जलाने की तैयारी कर रहे हैं। केंद्रीय ब्राह्मण महासभा व सनातन रक्षक दल की ओर से पितृकुंड पर पितरों के लिए दीपक अर्पित किए जाएंगे। इसमें आम जनता भी पितरों के लिए दीपदान कर सकते हैं। धनेसरा कुंड पर धन के देवता भगवान कुबेर और स्वच्छता के लिए दीपदान किया जाएगा।
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इसके अलावा सरैयां कुंड पर बाबा लाटभैरव, रामकुंड पर रामेश्वर महादेव व भगवान राम, कर्दमेश्वर कुंड कर्दमेश्वर महादेव व भगवान राम के साथ ही समस्त देवी-देवताओं के लिए दीपदान होगा। कंदवा स्थित कर्दमेश्वर कुंड पर 51 हजार दीपक जलाए जाएंगे। मणिकर्णिका तीर्थ पर चक्रपुष्करणी कुंड पर भगवान विष्णु, भगवान शिव और माता पार्वती के लिए दीपदान किया जाएगा। कपिलधारा कुंड पर ऋषि मुनियों के साथ ही भगवान शिव, ईश्वरगंगी कुंड पर सर्वदेव, पुष्कर तालाब पर भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश के साथ ही सर्वदेवों के लिए दीप जलाए जाएंगे। सारंगनाथ तालाब पर सारंग महादेव सहित सर्वदेवों के लिए दीपदान होगा।
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पर्यटन कार्यालय पर पहुंचे साढ़े नौ लाख दीपक
नमो घाट स्थित पर्यटन कार्यालय पर साढ़े नौ लाख दीपक पहुंच चुके हैं। इन दीयों को देव दीपावली पर जलाया जाएगा। इन दीयों को स्वयं सहायता समूहों ने भेजा है। इसमें गाय के गोबर से तैयार दीपक भी हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार काशी के 84 घाटों पर जलाने के लिए पूर्वांचल के कई जिलों से बनकर दीये आ रहे हैं। गोबर से तैयार दीसे पूरी तरह से जलकर राख हो जाएंगे।