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Varanasi News: मकर संक्रांति 15 को, होगा पुण्य का स्नान
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मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी को धनु से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही ऋ तु बदलने लगती है। इस दिन नदी में स्नान के बाद भगवान भास्कर की पूजा होगी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि सूर्य 14 जनवरी को रात्रि 2.53 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए प्रात: काल उदया तिथि में मकर संक्रांति रविवार को मनाई जाएगी। सूर्य देवता दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और इसके साथ ही देवताओं के दिन का आरंभ हो जाता है। एक मास के खरमास के समापन के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 15 जनवरी को पूरे दिन पर्व का मान रहेगा। मध्याह्न का समय स्नान व दान के लिए विशेष पुण्य फलदायक रहेगा।
शनि दोष से मुक्ति के लिए करें उड़द की खिचड़ी का दान
ज्योतिष शास्त्र में उड़द के दाल का संबंध शनि देव से माना जाता है। शनि दोष से निवृत्ति के लिए मकर संक्रांति के दिन उड़द के दाल की खिचड़ी अवश्य दान करनी चाहिए। मान्यता है कि तिल के दान से भी शनि दोष दूर होता है। कंबल दान भी फलदायी माना गया है, इससे राहु दोष का शमन होता है।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि सूर्य 14 जनवरी को रात्रि 2.53 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए प्रात: काल उदया तिथि में मकर संक्रांति रविवार को मनाई जाएगी। सूर्य देवता दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और इसके साथ ही देवताओं के दिन का आरंभ हो जाता है। एक मास के खरमास के समापन के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 15 जनवरी को पूरे दिन पर्व का मान रहेगा। मध्याह्न का समय स्नान व दान के लिए विशेष पुण्य फलदायक रहेगा।
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शनि दोष से मुक्ति के लिए करें उड़द की खिचड़ी का दान
ज्योतिष शास्त्र में उड़द के दाल का संबंध शनि देव से माना जाता है। शनि दोष से निवृत्ति के लिए मकर संक्रांति के दिन उड़द के दाल की खिचड़ी अवश्य दान करनी चाहिए। मान्यता है कि तिल के दान से भी शनि दोष दूर होता है। कंबल दान भी फलदायी माना गया है, इससे राहु दोष का शमन होता है।
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