हनुमान जयंती 2021: शिव की नगरी में पूजे गए रूद्रावतार, मंदिरों में सुबह से रात तक हुआ दर्शन पूजन
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर बुधवार को शिव की नगरी में रूद्रावतार पूजे गए। संकट मोचन मंदिर के साथ ही अन्य हनुमान मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
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शिव की नगरी काशी में रुद्रावतार हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। पंचदीपोत्सव के दूसरे दिन हनुमान जन्मोत्सव के आयोजन का उल्लास घर से लेकर मंदिरों तक नजर आया। शहर के हनुमान मंदिर और विग्रहों को भव्य ढंग से सजाया गया।
हे मारुति नंदन, काटो मेरे दुख के बंधन। हे महावीर बजरंगी, तुम्हें कहते हैं दुख भंजन...’ मन में यही भाव भरे भक्तों ने रथयात्रा स्थित कामना निधि पंचमुख हुनमान मंदिर में वार्षिक शृंगार उत्सव मनाया। इस अवसर पर मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। वहीं पंचमुख हनुमान की अलौकिक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर भक्त निहाल हो गए।
फूल मालाओं से शृंगार के बाद हुई भव्य आरती
श्रद्धालुओं ने मत्था टेक कर अंजनीपुत्र से सुख और समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रांगण बजरंगबली, जय सियाराम के जयकारे से गूंजते रहे। बुधवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर संकट मोचन मंदिर में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
मंदिर प्रशासन ने कोविड के नियमों का पूरी तरह से पालन कराते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया। संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्रा ने बताया कि हनुमान जयंती पर हनुमान जी का विविध प्रकार से फूल मालाओं से शृंगार के बाद भव्य आरती की गई। कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन किया गया।