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ओम प्रकाश राजभर का यू टर्न, घोषणा के बाद अपना दल के मंच पर जाने से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:44 AM IST
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कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : amar ujala
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घोषणा के बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने पैंतरा बदल दिया है। अब वे अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल के मंच पर नहीं जाएंगे। इसकी पुष्टि सुभासपा के प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने रविवार को की।
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उन्होंने कहा कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह महागठबंधन की रैली है, उन्हें सिर्फ डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती के कार्यक्रम की जानकारी थी। बता दें कि आज डा. सोनेलाल पटेल की जयंती पर वाराणसी के छावनी स्थित मल्टी परपज हॉल में अपना दल की ओर से कार्यक्रम रखा गया है।
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इसमें बतौर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आने की घोषणा की थी। उधर, अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल का दावा है कि ओमप्रकाश राजभर को कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा बताई गई थी। उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर आने की बात कही थी।
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इसमें बतौर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आने की घोषणा की थी। उधर, अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल का दावा है कि ओमप्रकाश राजभर को कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा बताई गई थी। उन्होंने आमंत्रण स्वीकार कर आने की बात कही थी।
निकाले जाने लगे थे राजनैतिक निहितार्थ
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर हर दिन अपने बयानों को लेकर नरम-गरम नजर आ रहे हैं। कभी अपनी ही सरकार पर हमलावर हो जाते हैं, तो कभी सहयोगी दल के तौर पर एकजुट होने का संकेत देते हैं।
पढ़ेंः भाजपा विधायक के लिए यह क्या बोल गए प्रदेश सरकार के मंत्री, जानिए
गठबंधन के साथी ओम प्रकाश राजभर का भाजपा विरोधी पार्टी के मंच पर जाने की खबर के बाद से राजनैतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे थे। सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव के पूर्व ओमप्रकाश राजभर दबाव की राजनीति में जुट गए हैं।
भाजपा से गठबंधन करके विधानसभा में चार विधायकों की जीत के साथ प्रदेश में मंत्री बने। अब लोकसभा में सीटों को लेकर भाजपा पर दबाव बना रहे हैं ताकि अपने मंसूबे में कामयाब हो जाए।
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गठबंधन के साथी ओम प्रकाश राजभर का भाजपा विरोधी पार्टी के मंच पर जाने की खबर के बाद से राजनैतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे थे। सूत्रों की मानें तो लोकसभा चुनाव के पूर्व ओमप्रकाश राजभर दबाव की राजनीति में जुट गए हैं।
भाजपा से गठबंधन करके विधानसभा में चार विधायकों की जीत के साथ प्रदेश में मंत्री बने। अब लोकसभा में सीटों को लेकर भाजपा पर दबाव बना रहे हैं ताकि अपने मंसूबे में कामयाब हो जाए।
कहा था- 26 जून के बाद आएगा तूफान
ओम प्रकाश राजभर
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, भाजपा लोकसभा में सुभासपा को एक सीट देने के मूड में है जबकि ओमप्रकाश राजभर तीन सीट लेना चाहते हैं। माना जा रहा है इन्हीं सीटों के लिए वे लगातार भाजपा पर अपने बयानों से वार कर रहे हैं। अभी हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि 26 जून के बाद तूफान आएगा।
दो को अपना दल के मंच पर जाकर भाजपा को ब्लैकमेल करने की फिराक में थे ताकि चार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी मांगों को रख सके। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि यदि सेटिंग सही नहीं हुई तो महागठबंधन के साथ सुभासपा जा सकती है। अब भाजपा के चाणक्य की रणनीति आगामी लोकसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेगी।
दो को अपना दल के मंच पर जाकर भाजपा को ब्लैकमेल करने की फिराक में थे ताकि चार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपनी मांगों को रख सके। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि यदि सेटिंग सही नहीं हुई तो महागठबंधन के साथ सुभासपा जा सकती है। अब भाजपा के चाणक्य की रणनीति आगामी लोकसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेगी।