UP: 65 साल की महिला को पति ने घर से निकाला, महिला आयोग ने सुनी शिकायत; 12 मामलों में एक का समाधान
सर्किट हाउस में बुजुर्ग ने महिला आयोग को अपनी समस्या बताई। उनका वृद्धा पेंशन भी नहीं आ रहा है। सदस्य ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसके निस्तारण के लिए एडीसीपी महिला को निर्देशित किया है।
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Varanasi News: महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। इनमें 12 समस्याओं में एक का मौके निस्तारण हुआ, बाकी के लिए संबंधित विभाग के बैठक में उपस्थिति अधिकारियों को समय बद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हेतु अग्रसारित किया गया। बड़ागांव थाना क्षेत्र के बसनी की रहने वाली 65 वर्षीय बुजुर्ग चंपा देवी को उनके पति ने घर से निकाल दिया।
बताया कि उनके पति अक्सर मानसिक रूप से उत्पीड़न करते हैं। इसके अलावा उनका वृद्धापेंशन महीनों से रूके रहने की शिकायत आई। आयोग ने उनकी शिकायत के तत्काल निस्तारण के लिए एडीसीपी महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव को निर्देशित किया। लोहता से आई 60 वर्षीय खैरून निशा को 3 साल से पेंशन कर लाभ नहीं मिल पा रहा था। उसमें बैंक से एनपीसीआई की समस्या थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए उसका तत्काल समाधान कराया गया।
इसी प्रकार चोलापुर से संगीता नाम की महिला ने पति के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। बताया कि 11 वर्ष पहले जौनपुर में उनकी शादी हुई थी। उनके दो बच्चें हैं। 2024 में वन स्टॉप सेंटर में इसकी शिकायत कराई गई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। महिला की शिकायत पर एडीसीपी महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव ने पति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए। इसी प्रकार अन्य महिलाओं ने भी पेंशन, उत्पीड़न और जमीन, मकान संबंधी शिकायत की।
अस्पताल में मिली एक्सपायरी दवा, सीएमओ से पूछताछ
बीते सोमवार को जिला महिला अस्पताल में अपर निदेशक स्वास्थ्य के निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी दवा मिलने का महिला आयोग ने संज्ञान लिया। आयोग ने इस प्रकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई। आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी से इस प्रकरण को लेकर पूछताछ की। सीएमओ ने इस प्रकरण की जांच के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया।
इसके बाद गीता विश्वकर्मा ने दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय में महिला विंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमएस बृजेश कुमार को निर्देश दिया कि दवाओं की उपलब्धता एवं उनकी एक्सपायरी के समय को ध्यान में रखें। इलाज के लिए भर्ती महिलाओं को सभी सुविधाएं उचित रूप से मिले इसका ध्यान रखा जाए। आयोग की सदस्य ने इसके बाद वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान महिलाओं से संबधित प्रकरणों तथा पीड़ित महिलाओं को दी की जाने वाली सुविधाओं के रखरखाव की व्यवस्था भी देखी।
महिला सदन अब होगा महिला सुधार गृह
जनसुनवाई के पश्चात आयोग की सदस्य ने जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्र के साथ जिला जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में बंद महिला कैदियों से मुलाकात की। इस दौरान उनके खान पान, रहन सहन, दवा और चिकित्सा की व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक को निर्देश दिया कि महिला सदन को महिला सुधार गृह के नाम से लिखा जाए। जिनके पास अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक जिला कारागार ,जेलर जिला कारागार उपस्थित रहे।