Varanasi News: पुरानी 650 स्ट्रीट लाइटें खराब, जितने में बदलेंगी उतने में नई लग जाएंगी; रोज आ रहीं 25 शिकायते
शहर में कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें खराब होने से राहगीरों को दिक्कतें हो रही हैं। इन्हें ठीक करने का काम काफी धीमी गति से हो रही हैं। नगर निगम की ओर से यह काम करवाया जा रहा है।
विस्तार
Varanasi News: शहर की 650 स्ट्रीट लाइटें नियमों की भेंट चढ़ गई हैं। पुरानी लाइटों का लैंप उतारकर नगर निगम परिसर में रखा जा रहा है। नई लाइटों को लगाने का काम धीमी गति से चल रहा है।
कई जगहों पर अंधेरा रहता है। सदन से लेकर जनसुनवाई तक स्ट्रीट लाइटों की शिकायतें आ रही हैं। हर वार्ड में 10 से 12 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। मरम्मत का काम धीमी गति से हो रहा है। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पुरानी जो लाइटें लगाई गई हैं, उनकी मरम्मत का खर्च अधिक है।
इस नाते नियम बनाकर पुरानी लाइटों को हटाकर नई लाइटें लगवाई जा रही हैं। जो लाइटें शहर में पूर्व में लगाई गई थीं, उनके पार्ट्स भी काफी महंगे हैं। रोज 25 शिकायतें आ रही हैं। पुरानी स्ट्रीट लाइटों की कीमत 20 हजार रुपये थी। जबकि नई एलईडी लाइटें 2000 में लग रही हैं।
मरम्मत के लिए अलग बजट नहीं
पहले अलग-अलग डिजाइन की स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। कहीं हेरिटेज कहीं ईएसएसएल ने एलईडी लाइटें लगवाईं। मरम्मत के लिए बजट न होने पर काफी दिक्कत होती है। यही कारण है कि लाइटों की मरम्मत नहीं हो पाती है। कई बार बजट के अभाव में पुरानी को हटाकर नई लाइटें लगवानी पड़ती हैं।
हर वार्ड को 7-7 लाख मिले फिर भी नहीं लगीं लाइटें
नौ महीने से हर वार्ड को लाइट के लिए 7-7 लाख रुपये दिए गए हैं, लेकिन अब तक सभी वार्डों में लाइटें नहीं लग पाई हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पोल की अलग-अलग डिजाइन के कारण लाइट लगने की रफ्तार धीमी है। ज्यादातर सीमेंट, लोहे, बिजली और रेल पोल हैं। जिनके हिसाब से क्लैंप बनवाने पड़ रहे हैं। जिसकी वजह से देरी हो रही है।
सभी वार्ड को 7-7 लाख रुपये दिए गए हैं। दुर्गा पूजा के समय सभी लाइटें दुरुस्त करने का निर्देश आलोक विभाग को दिया गया है। जल्द ही बैठक कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। - अशोक कुमार तिवारी, मेयर