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ओएचई तार टूटा, रेल परिचालन दो घंटे बाधित
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स्थानीय रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 26-सी के पास रविवार की देर शाम अचानक ओएचई तार टूटने से वाराणसी-मऊ रेलखंड पर दो घंटे से अधिक समय तक रेल परिचालन बाधित रहा। कृषक एक्सप्रेस के साथ ही गोरखपुर और छपरा इंटरसिटी एक्सप्रेस जहां विलंबित हुई, वहीं यात्री हलाकान रहे।
गेट संख्या 26-सी के पास ओएचई तार का इंसुलेटर टूटा हुआ देख गेटमैन नौशाद ने शाम करीब छह बजे स्टेशन मास्टर संजय कुमार को इसकी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोलर को सूचना देते हुए विभाग की अलर्ट किया। इधर औड़िहार से टीआरडी टीम टावर बैगन लेकर मौके के लिए रवाना हो गई। काफी मशक्कत के बाद करीब आठ बजे ओएचई तार को मरम्मत कर परिचालन योग्य बनाया गया। कहीं किसी अवांछनीय तत्व द्वारा तार से छेड़छाड़ तो नहीं किया गया है, इसकी पड़ताल करने पहुंचे आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीणा ने छानबीन किया। पता चला कि किसी अवांछनीय तत्व की हरकत नहीं बल्कि बंदरों द्वारा किये गए छेड़छाड़ का नतीजा है। टूटे तार को दुरस्त कर की गई टेस्टिंग के बाद ट्रेनों का परिचालन पुन: सुचारू हुआ। इसके चलते कृषक एक्सप्रेस को माहपुर में रोक दिया गया, तो छपरा इंटरसिटी और गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को अलग - अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
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गेट संख्या 26-सी के पास ओएचई तार का इंसुलेटर टूटा हुआ देख गेटमैन नौशाद ने शाम करीब छह बजे स्टेशन मास्टर संजय कुमार को इसकी जानकारी दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोलर को सूचना देते हुए विभाग की अलर्ट किया। इधर औड़िहार से टीआरडी टीम टावर बैगन लेकर मौके के लिए रवाना हो गई। काफी मशक्कत के बाद करीब आठ बजे ओएचई तार को मरम्मत कर परिचालन योग्य बनाया गया। कहीं किसी अवांछनीय तत्व द्वारा तार से छेड़छाड़ तो नहीं किया गया है, इसकी पड़ताल करने पहुंचे आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार मीणा ने छानबीन किया। पता चला कि किसी अवांछनीय तत्व की हरकत नहीं बल्कि बंदरों द्वारा किये गए छेड़छाड़ का नतीजा है। टूटे तार को दुरस्त कर की गई टेस्टिंग के बाद ट्रेनों का परिचालन पुन: सुचारू हुआ। इसके चलते कृषक एक्सप्रेस को माहपुर में रोक दिया गया, तो छपरा इंटरसिटी और गोरखपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को अलग - अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया था।
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