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अफसर-इंजीनियर पहुंचे अस्पताल, जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 18 Mar 2017 01:46 AM IST
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जिला महिला अस्पताल परिसर में घटना की जांच के लिए पहुंची टीम।
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कबीरचौरा जिला महिला अस्पताल में निर्माणाधीन बिल्डिंग की दीवार ढहने और उसके मलबे में दबकर सात वर्षीय मासूम की मौत के बाद आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी। उच्चाधिकारियों के कड़े रुख के बाद शुक्रवार को घटना के दूसरे दिन ठेकेदार और कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के साथ विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। दीवार में लगे मैटेरियल और ईंट को सील कराकर उसका सैंपल जांच के लिए लखनऊ स्थित विभागीय लैब में भेजा गया।
महिला अस्पताल परिसर में तीन साल से तीन मंजिल वाले नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद सौ अतिरिक्त बेड की सुविधा मुहैया होगी लेकिन घटिया निर्माण और काम में देरी की शिकायतों के बीच अब तक बमुश्किल 70 फीसदी काम हो पाया है। गुरुवार को निर्माणाधीन एक दीवार के ढहने से पश्चिम बंगाल के दीनाजपुर निवासी डोमा शेख के सात साल के बेटे दिलारू की मौत हो गई थी जबकि उसकी बहन और एक अन्य मासूम जख्मी हो गए थे।
हादसे से मजदूर परिवार सहमे हुए हैं। शुक्रवार को विभागीय टीम और ठेकेदार के साथ मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने घटनास्थल सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया। ठेकेदार और मजदूरों से पूछताछ की। दोपहर करीब 12 बजे से दो बजे तक जांच के दौरान उन्होंने दीवार बनाने में लगी सामर्ग्री (इंट, सीमेंट आदि) को दो अलग-अलग बोरे में रखवाकर उसे सील कराया। इन सामग्रियों की जांच लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी की लैब में कराई जाएगी।
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तीन साल से निर्माणाधीन अस्पताल भवन में अनियमितता और लेटलतीफी की शिकायतों पर साल भर पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने निरीक्षण करने के बाद कड़ी हिदायत दी थी। गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण न होने पर एफआईआर तक की चेतावनी दी थी। अभी पिछले नवंबर महीने में मौजूदा डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने भी निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को फटकार लगाई थी लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं। अब हादसे के बाद जांच शुरू होने पर लोगों का कहना था कि घटिया निर्माण की शिकायतों पर पहले चेत गए होते तो हादसे की नौबत नहीं आती।
निर्माणाधीन दीवार ढहने के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग भी कराएगा। इसके लिए सीएमओ डॉ. वीबी सिंह की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। सीएमओ ने हादसे में मासूम की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच होगी। बताया कि जांच कमेटी में महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक, एडिशनल सीएमओ डॉ. जंग बहादुर और एक विभागीय अभियंता शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दीवार के मलबे में दबकर जान गंवाने वाले सात वर्षीय दिलारू का अंतिम संस्कार पश्चिम बंगाल के उत्तरी दीनाजपुर स्थित उसके पैतृक गांव में किया जाएगा। शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा से उसका शव बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। वहां से देर शाम बॉडी मिलने के बाद पिता डोमा शेखा और मां नाजमा उसे लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गए।
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महिला अस्पताल परिसर में तीन साल से तीन मंजिल वाले नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद सौ अतिरिक्त बेड की सुविधा मुहैया होगी लेकिन घटिया निर्माण और काम में देरी की शिकायतों के बीच अब तक बमुश्किल 70 फीसदी काम हो पाया है। गुरुवार को निर्माणाधीन एक दीवार के ढहने से पश्चिम बंगाल के दीनाजपुर निवासी डोमा शेख के सात साल के बेटे दिलारू की मौत हो गई थी जबकि उसकी बहन और एक अन्य मासूम जख्मी हो गए थे।
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हादसे से मजदूर परिवार सहमे हुए हैं। शुक्रवार को विभागीय टीम और ठेकेदार के साथ मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसके जैन ने घटनास्थल सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया। ठेकेदार और मजदूरों से पूछताछ की। दोपहर करीब 12 बजे से दो बजे तक जांच के दौरान उन्होंने दीवार बनाने में लगी सामर्ग्री (इंट, सीमेंट आदि) को दो अलग-अलग बोरे में रखवाकर उसे सील कराया। इन सामग्रियों की जांच लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी की लैब में कराई जाएगी।
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तीन साल से निर्माणाधीन अस्पताल भवन में अनियमितता और लेटलतीफी की शिकायतों पर साल भर पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने निरीक्षण करने के बाद कड़ी हिदायत दी थी। गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण न होने पर एफआईआर तक की चेतावनी दी थी। अभी पिछले नवंबर महीने में मौजूदा डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने भी निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को फटकार लगाई थी लेकिन उसके बाद भी जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं। अब हादसे के बाद जांच शुरू होने पर लोगों का कहना था कि घटिया निर्माण की शिकायतों पर पहले चेत गए होते तो हादसे की नौबत नहीं आती।
निर्माणाधीन दीवार ढहने के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग भी कराएगा। इसके लिए सीएमओ डॉ. वीबी सिंह की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। सीएमओ ने हादसे में मासूम की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच होगी। बताया कि जांच कमेटी में महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक, एडिशनल सीएमओ डॉ. जंग बहादुर और एक विभागीय अभियंता शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
दीवार के मलबे में दबकर जान गंवाने वाले सात वर्षीय दिलारू का अंतिम संस्कार पश्चिम बंगाल के उत्तरी दीनाजपुर स्थित उसके पैतृक गांव में किया जाएगा। शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा से उसका शव बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया। वहां से देर शाम बॉडी मिलने के बाद पिता डोमा शेखा और मां नाजमा उसे लेकर पश्चिम बंगाल रवाना हो गए।