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ओडिशा परब: डिप्टी सीएम बोले- यूपी व ओडिशा की साझा विरासत खोलेगी रोजगार और निवेश की राह, बढ़ेगा पर्यटन

Sun, 23 Aug 2026 05:54 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 23 Aug 2026 05:54 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत रोजगार और निवेश के नए अवसर खोलेगी। काशी-पुरी और अयोध्या-कोणार्क को पर्यटन की दृष्टि से जोड़ने पर जोर दिया गया। ‘ओडिशा परब’ के माध्यम से दोनों राज्यों की कला और संस्कृति को आजीविका से जोड़ने की पहल होगी। यूपी में ओडिशा की परियोजनाओं के लिए निवेश और भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।

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Odisha Parab Deputy CM says shared heritage UP and Odisha pave way employment and investment boost tourism
तीन दिवसीय ओडिशा परब में जुटे लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

बड़ालालपुर स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में तीन दिवसीय ओडिशा परब का शनिवार को शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ओडिशा के उपमुख्यमंत्रियों कनक वर्धन सिंह देव एवं प्रवती परीदा और यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ओडिशा पर्यटन विभाग और फिक्की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य दोनों राज्यों के सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधों को नई ऊंचाई देना है।

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उद्घाटन सत्र के दौरान 125 से अधिक कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकनृत्यों में गोटीपुआ, संबलपुरी, पशु मुखौटा और पाइका नृत्य की प्रस्तुति ने खूब वाहवाही बटोरी। शौर्य गाथा पर आधारित पाइका नृत्य ने खुर्दा की अखाड़ा परंपरा और ऐतिहासिक युद्धकला का सजीव चित्रण किया। 

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि ओडिशा परब दो राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत है। पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए ओडिशा सरकार को न्योता देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ओडिशा सरकार को यूपी में पर्यटन परियोजनाओं के लिए भूमि की जरूरत हुई तो प्रदेश सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि काशी और पुरी, अयोध्या और कोणार्क जैसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र दोनों राज्यों की साझा विरासत और पर्यटन संभावनाओं को दर्शाते हैं। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिकता, विरासत, लोक संस्कृति और खानपान तथा ओडिशा की समुद्री विरासत, प्रकृति, मंदिर, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प और हथकरघा एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में दोनों राज्य मिलकर नए पर्यटन सर्किट, संयुक्त प्रचार अभियान, ट्रैवल ट्रेड मीट और बी2बी संवाद को आगे बढ़ा सकते हैं।

पर्यटकों को मिलेगा दो राज्यों का एक अनुभव
जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश आने वाला पर्यटक ओडिशा के पर्यटन स्थलों से परिचित हो और ओडिशा आने वाला पर्यटक उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करे। इससे दोनों राज्यों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और होटल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, हस्तशिल्प, खानपान तथा स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को विजन-2047 और वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्यटन अब केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, निवेश, हस्तशिल्प और अर्थव्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

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उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने महिला से बंधवाई राखी
टीएफसी सेंटर में आयोजित महोत्सव में 32 स्टॉलों पर ओडिशा की कला, संस्कृति और उत्पादों की प्रदर्शनी लगी है। विश्वविख्यात पट्टचित्र, ताड़पत्र नक्काशी, धोकरा कला, कटक की चांदी की तारकशी, कोटपैड परिधान तथा पीतल, कांसा और जूट से बने उत्पाद भी लोगों को लुभा रहे हैं। खानपान के 10 स्टॉलों में ओडिशा के प्रसिद्ध पीठा, आलूदम, बाजरा से बने व्यंजन और कोरापुट की मशहूर ऑर्गेनिक कॉफी भी लोगों को पसंद आ रही है। 

ओडिशा के उपमुख्यमंत्रियों कनक वर्धन सिंह देव एवं प्रवती परीदा, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने महोत्सव में लगे स्टॉलों का निरीक्षण कर उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया। केशव मौर्य एवं जयवीर सिंह ने एक महिला से राखी बंधवाई और उन्हें 1000-1000 रुपये दिए।

तथ्यात्मक रूप से ध्यान देने योग्य

  • ‘ओडिसी, गोटीपुआ, संबलपुरी, घूमरा, ढेमसा और पाइका अखाड़ा’ मुख्य रूप से नृत्य/लोककला परंपराएं हैं, उत्पाद नहीं। इसलिए उन्हें प्रदर्शनी में लगे उत्पादों की सूची से हटाकर ‘ओडिशा की कला और संस्कृति’ के रूप में रखना बेहतर है।
  • केशव मौर्य ने ‘मुगलों के सभी चिन्ह हटाने’ और ‘काशी विश्वनाथ मंदिर के पास भव्य मंदिर निर्माण’ संबंधी जो बयान दिया है, उसे उपलब्ध वीडियो/रिकॉर्डिंग या आधिकारिक बयान से शब्दशः मिलान कर लेना चाहिए।
  • मूल वाक्य में 1000 रुपये की राशि दोनों को कुल मिलाकर दी गई थी या 1000-1000 रुपये, यह स्पष्ट नहीं था। ऊपर ‘1000-1000 रुपये’ किया गया है, इसे तथ्य के अनुसार ठीक कर लें।
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