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मनाया...धमकाया...फिर लौटे उल्टे पांव

Fri, 15 Apr 2016 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 15 Apr 2016 02:20 AM IST
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... Observed ... then returned intimidated inverted foot
आंदोलन
नए सर्किल रेट से मुआवजे की मांग कर रहे रिंग रोड के प्रभावित गांवों के किसानों के कड़े तेवर के आगे गुरुवार को प्रशासन की कोई तरकीब काम नहीं आई। धरने पर बैठे किसानों को समझाने के लिए दलबल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मनाया, फिर धमकाया। लेकिन ‘पहले मुआवजा, फिर काम’ की किसानों की दो टूक मांग और कड़े रुख के आगे आखिरकार वे उल्टे पांव लौट गए।
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यह प्रशासनिक टीम एसडीएम राजातालाब की अगुवाई में अहमदपुर स्थित धरना स्थल पर पहुंची थी। प्रशासनिक टीम के सामने किसानों ने पूरी मजबूती से अपने हक की आवाज बुलंद की। शासन-प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ नारे लगाए। किसानों का स्पष्ट कहना था कि वे रिंग रोड के विरोधी नहीं हैं। वे तो सिर्फ इतना चाहते हैं कि शासन-प्रशासन उन्हें नए सर्किल रेट से जमीन का मुआवजा दे। रिंग रोड के दायरे में आने वाली परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर उनकी क्षतिपूर्ति की जाए। बता दें कि हरहुआ से संदहा तक रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। किसानों के विरोध के चलते काम कई दिनों से ठप है। गुरुवार को भगवानपुर (आशापुर) में भी चल रहे काम को किसानों ने रुकवा दिया। इसकी सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
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फोर्स की घेराबंदी के बीच यहां किसी तरह काम शुरू कराया गया। उसके बाद प्रशासनिक टीम अहमपुर में धरने पर बैठे किसानों से बातचीत करने पहुंची। एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने कहा कि अगर किसानों को कोई समस्या है तो वह न्यायालय की शरण लें। या फिर शांति से धरना करें। काम बाधित न किया जाए। किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय के नेतृत्व में किसानों ने अपनी बात रखी लेकिन प्रश्‍ाासन ने किसानों पर दबाव बनाने का प्रयास जारी रखा। किसानों की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाने लगी। प्रशासन के रुख से नाराज किसान विरोध पर उतर आए। जबरदस्त नारेबाजी होने लगी। आर-पार की लड़ाई का संकल्प दोहराते हुए किसानों ने कहा कि वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर पहले उन्हें मुआवजा चाहिए।
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