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Varanasi News: जगह की कमी से नहीं बढ़ पा रही कन्वेयर बेल्ट की संख्या
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वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हर महीने करीब 3.5 लाख यात्री आते हैं। यानी प्रतिदिन करीब 12 हजार लोग। लेकिन यहां यात्रियों को लगेज के लिए इंतजार करना पड़ता है। खास तौर पर तब, जब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विमान एक साथ लैंड कर जाएं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, पुराने टर्मिनल भवन में जगह के अभाव के कारण कन्वेयर बेल्ट की संख्या नहीं बढ़ पा रही है।
वाराणसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अभी सिर्फ एक कन्वेयर बेल्ट लगी है। यहीं से घरेलू और विदेशी सभी यात्री अपना लगेज प्राप्त करते हैं। वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 80 से 90 उड़ानों का संचालन होता है। इनमें तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं। आम तौर पर एक विमान में करीब 172 से 180 यात्री एयरपोर्ट पर आते हैं। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें दोनों एक साथ पहुंच जाएं तो कन्वेयर बेल्ट से लगेज मिलने की समस्या बढ़ जाती है।
दोनों उड़ानों के एक साथ पहुंचने पर घरेलू उड़ान के यात्रियों को रोक दिया जाता है और पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आए यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है। इस कारण इंतजार लंबा हो जाता है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि पुराने टर्मिनल भवन में कन्वेयर बेल्ट की संख्या बढ़ाने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन जगह के अभाव में ऐसा नहीं हो पाया। विस्तार के बाद नए टर्मिनल भवन में छह कन्वेयर बेल्ट और आठ एयरोब्रिज बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
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वाराणसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अभी सिर्फ एक कन्वेयर बेल्ट लगी है। यहीं से घरेलू और विदेशी सभी यात्री अपना लगेज प्राप्त करते हैं। वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 80 से 90 उड़ानों का संचालन होता है। इनमें तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी हैं। आम तौर पर एक विमान में करीब 172 से 180 यात्री एयरपोर्ट पर आते हैं। वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें दोनों एक साथ पहुंच जाएं तो कन्वेयर बेल्ट से लगेज मिलने की समस्या बढ़ जाती है।
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दोनों उड़ानों के एक साथ पहुंचने पर घरेलू उड़ान के यात्रियों को रोक दिया जाता है और पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आए यात्रियों को प्राथमिकता दी जाती है। इस कारण इंतजार लंबा हो जाता है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि पुराने टर्मिनल भवन में कन्वेयर बेल्ट की संख्या बढ़ाने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन जगह के अभाव में ऐसा नहीं हो पाया। विस्तार के बाद नए टर्मिनल भवन में छह कन्वेयर बेल्ट और आठ एयरोब्रिज बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं होगी।
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