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नंबर और ई-मेल देने तक सीमित रहे केंद्र के मुलाजिम

Thu, 09 Jul 2015 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
अमर उजाला ब्यूराो Updated Thu, 09 Jul 2015 02:22 AM IST
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Number and e-mail are limited to the Center accused
वाराणसी। केंद्र सरकार के छह मंत्रालय के आला अधिकारियों की काशी में मौजूदगी से उम्मीद जगी थी कि यहां विकास कार्यों को गति मिलेगी, सारी बुनियादी समस्याएं दूर होंगी। मंगलवार की आधी रात निरीक्षण, उसके पहले लगातार बैठकें और ढेरों निर्देश। इससे इन उम्मीदों को बल भी मिला, मगर यह सब जुबानी जमाखर्च ही साबित हुआ। केंद्र सरकार के मुलाजिम बुधवार को किसी भी योजना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में ठोस पहल नहीं कर सके। अलबत्ता जिले के अधिकारियों को अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जमकर जरूर बांटे। इन सबके बीच साल भर से चल रहे जुमले को फिर दोहराया गया कि बनारस के विकास में हम पूरी मदद करेंगे... हम चौबीसों घंटे हर तरह से तैयार हैं... आप प्रस्ताव भेजिए... सुझाव दीजिए... बनारस की समस्याओं का अध्ययन करिए और ठोस उपाय तलाशिए... और इसी बातचीत के साथ बैठक खत्म हो गई।
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रायफल क्लब में बुधवार को केंद्र सरकार के शहरी विकास, वित्त, विदेश, ऊर्र्जा, पर्यटन और जल संसाधन व गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय के साथ ही जायका, जापानी दूतावास और क्रिसिल के आला अधिकारी जुटे। बनारस की ओर से डीएम, नगर आयुक्त और जलकल, वीडीए, जल निगम, बिजली व पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सुबह 10 से दोपहर 1:35 बजे तक शहर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जलनिकासी, यातायात, पार्किंग व्यवस्था व धरोहरों के संरक्षण और हृदय, प्रसाद, स्मार्ट सिटी, अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, पर्यटन के घरेलू सर्किट का विकास व जेएनएनयूआरएम सरीखी योजनाओं और जायका की मदद से हो रहे काम पर पूर्व की भांति एक बार फिर जोरदार चर्चा हुई, सुझाव लिए गए, मगर किसी ठोस निष्कर्ष पर कोई पहुंच नहीं सका। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का सकारात्मक असर काशी में कब दिखना शुरू होगा। इसके चलते बैठक के बाद अधिकारियों के बीच चर्चा रही कि आखिरकार काशी का विकास केंद्र सरकार किस तरह करेगी। साल भर से ज्यादा समय बीतने को आया, मगर तमाम योजनाएं अब तक शुरू होना तो दूर उनकी डीपीआर भी फाइनल नहीं हो सकी है।
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नहीं आया प्रदेश सरकार का कोई आला अधिकारी
शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अगुवाई में हुई बैठक में एक बार फिर प्रदेश सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद नहीं रहा। जबकि, नगर विकास विभाग के सचिव एसपी सिंह और आवास विभाग के सचिव पंधारी यादव को बैठक में हिस्सा लेना था। इस संबंध में कोई बातचीत भी नहीं हुई। इसे लेकर जिले के अधिकारियों में खासी चर्चा रही।
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अपर सचिव को भगाया तब आए वीडीए उपाध्यक्ष
काशी के विकास के संबंध में हुई बैठक में वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्र की जगह अपर सचिव अनिल भटनागर गए थे। शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने पूछा कि आप कौन, तो उन्होंने बताया कि अपर सचिव, वीडीए...। इस पर उन्होंने पूछा कि आपके वीसी और सचिव कहां हैं, आप निकलिए यहां से। इसकी जानकारी मिलते ही वीडीए उपाध्यक्ष मीटिंग में पहुंचे।

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केंद्र सरकार जो भी काम कराती है, उसके लिए पहले ठोस कार्ययोजना बनाती है और फिर क्रियान्वयन कराती है, इसलिए समय लग रहा है। बुधवार की बैठक योजनाओं की बुनियाद रखने के संबंध में ही थी, अभी हम किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। - उमाकांत त्रिपाठी, नगर आयुक्त।
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