एनटीपीसी रिटायर्ड अफसर हत्याकांड: फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा, करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की थी हत्या
मार्तंड शाही हत्याकांड के आठ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए वाराणसी से कानपुर ले जाकर धोखे से एनटीपीसी के रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही की हत्या कर दी गई थी।
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एनटीपीसी के रिटायर्ड अफसर मार्तंड शाही हत्याकांड के आठ आरोपियों की सुनवाई फास्ट ट्रैक द्वितीय की अदालत में होगी। वाराणसी पुलिस आयुक्त के अनुरोध पत्र पर मुकदमे की सुनवाई तेज गति से फास्ट ट्रैक कोर्ट में अब हो सकेगी। पुलिस आयुक्त के अनुसार इस मुकदमे में सभी आठ आरोपी फिलहाल जिला जेल में बंद है।
पिछले माह ही आठों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। कैंट थाना अंतर्गत छावनी क्षेत्र के बुद्ध विहार कालोनी निवासी मार्तंड शाही को धोखे में रखकर उनकी करोड़ों की संपत्ति ककरमत्ता क्षेत्र के जानकी नगर स्थित शिव शक्ति अपार्टमेंट में रहने वाले राजेश कुमार चौहान और उसकी पत्नी कंचन सिंह चौहान ने दान करा लिया था और कानपुर ले जाकर धोखे से हत्या कर दी थी।
तीन मंजिला मकान कब्जा करने की साजिश
मूलरूप से गाजीपुर के करीमुद्दीन थाना अंतर्गत असावर के रहने वाले राजेश और कंचन ने मार्तंड शाही की हत्या कर उनका तीन मंजिला मकान कब्जा करने की साजिश गोरखपुर के सेमरा चिलुआताल के बृजेश यादव, करजहो चिलुआताल के रमेश यादव, गोरखपुर के सुभाष चंद्र बोस नगर के सुबोध कुमार द्विवेदी और भोजूबीर के निगमेंद्र सिंह सिसोदिया केसाथ रची थी।
कानपुर में रहने वाले अपने बेटी-दामाद और नातिन के नाम संपत्ति करने पर मार्तंड शाही तैयार हुए तो उन्हें आरोपियों ने धोखे से कानपुर ले जाकर नौबस्ता थाना क्षेत्र में हत्या कर शव फेंक दिया। आठ अगस्त 2021 को मार्तंड शाही का शव नौबस्ता पुलिस ने बरामद किया था।