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बीएचयू अस्पताल में अब आधार कार्ड से भी कर सकेंगे बिल का भुगतान
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 12 Aug 2018 06:09 PM IST
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बीएचयू अस्पताल
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में इलाज के लिए दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब अस्पताल में इलाज, जांच के भुगतान के लिए मरीजों और परिजनों को लंबी लाइन में लगने से छुटकारा मिल जाएगा। अब केवल अंगूठा लगाकर ही भुगतान किया जा सकेगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है और स्वतंत्रता दिवस के दिन इस सुविधा की लांचिंग होंगी।
अस्पताल में हर दिन पूर्वांचल, बिहार, झारंखड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इसके अलावा विभिन्न इमरजेंसी सहित अन्य विभागों के वार्डों में 1500 मरीज भर्ती है। ब्लड टेस्ट, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई आदि जांच की फीस जमा करने के लिए मरीजों, परिजनों को लंबी लाइन में लगना पड़ता है।
इसमें भी सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब किसी की जेब में पैसा कम होता है और मौके पर भुगतान के अभाव में जांच नहीं करा पाते हैं। अब ऐसा नहीं है, अगर आपके जेब में आधार कार्ड है तो आपको परेशान होने की जरूरत नही है। आप आधार की मदद से सभी भुगतान कर सकते हैं, इसके लिए अस्पताल के काउंटर पर रखी मशीन पर बस अंगूठा लगाना होगा और आपके बैंक खाते से निर्धारित जांच की फीस का भुगतान हो जाएगा और आपको उसकी रसीद भी दी जाएगी।
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खास बात यह है कि यह आधार बेस्ड सुविधा एप से भी लिंक रहेगी। एप का प्रयोग करने वाले लोग इसका लाभ ले सकेंगे। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए एप, डिजिटल कार्ड के साथ ही आधार से भुगतान की सुविधा शुरू की जा रही है। एचडीएफसी बैंक के सहयोग से इस सुविधा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
क्यूआर कोड स्कैन कर भी भुगतान की सुविधा
अस्पताल में इलाज, जांच की फीस का भुगतान मोबाइल के माध्यम से भी हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल की ओर से बनवाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर भुगतान होगा। अस्पताल प्रशासन की ओर से क्यूआर कोड बनाए जाने के साथ ही सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
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अस्पताल में हर दिन पूर्वांचल, बिहार, झारंखड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से हर दिन पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इसके अलावा विभिन्न इमरजेंसी सहित अन्य विभागों के वार्डों में 1500 मरीज भर्ती है। ब्लड टेस्ट, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई आदि जांच की फीस जमा करने के लिए मरीजों, परिजनों को लंबी लाइन में लगना पड़ता है।
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इसमें भी सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब किसी की जेब में पैसा कम होता है और मौके पर भुगतान के अभाव में जांच नहीं करा पाते हैं। अब ऐसा नहीं है, अगर आपके जेब में आधार कार्ड है तो आपको परेशान होने की जरूरत नही है। आप आधार की मदद से सभी भुगतान कर सकते हैं, इसके लिए अस्पताल के काउंटर पर रखी मशीन पर बस अंगूठा लगाना होगा और आपके बैंक खाते से निर्धारित जांच की फीस का भुगतान हो जाएगा और आपको उसकी रसीद भी दी जाएगी।
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खास बात यह है कि यह आधार बेस्ड सुविधा एप से भी लिंक रहेगी। एप का प्रयोग करने वाले लोग इसका लाभ ले सकेंगे। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए एप, डिजिटल कार्ड के साथ ही आधार से भुगतान की सुविधा शुरू की जा रही है। एचडीएफसी बैंक के सहयोग से इस सुविधा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
क्यूआर कोड स्कैन कर भी भुगतान की सुविधा
अस्पताल में इलाज, जांच की फीस का भुगतान मोबाइल के माध्यम से भी हो सकेगा। इसके लिए अस्पताल की ओर से बनवाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर भुगतान होगा। अस्पताल प्रशासन की ओर से क्यूआर कोड बनाए जाने के साथ ही सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं।
निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की हो रही सूची तैयार
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों की सूची तैयार कराई जा रही है। ऐसा करने वाले चिकित्सकों के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ये साक्ष्य तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपे जाएंगे, जो इनके आधार पर कार्रवाई की संस्तुति कर सकती है।
अस्पताल के कुछ चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने की लिखित शिकायत होती रही है। कई बार आवाज उठने पर केजीएमयू की पूर्व कुलपति और आईएमएस की प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि गोपाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अनुशासनात्मक कमेटी का गठन किया गया। यही कमेटी निजी प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
आईएमएस में भी ऐसे आधा दर्जन विभाग
इधर अस्पताल सूत्रों की माने तो आईएमएस के करीब आधा दर्जन ऐसे विभाग हैं, जिनमें कार्यरत प्रोफेसर तक बाहर प्रैक्टिस करते हैं। इनका वीडियो फुटेज भी तैयार कराया जा रहा है। इसमें कुछ चिकित्सकों के बारे में तो सबूत भी मिल चुके हैं। इधर तीन सदस्यीय कमेटी में एक रिटायर्ड आईपीएस के साथ ही बीएचयू के पूर्व चीफ प्रॉक्टर बतौर सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
अस्पताल के कुछ चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने की लिखित शिकायत होती रही है। कई बार आवाज उठने पर केजीएमयू की पूर्व कुलपति और आईएमएस की प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि गोपाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अनुशासनात्मक कमेटी का गठन किया गया। यही कमेटी निजी प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
आईएमएस में भी ऐसे आधा दर्जन विभाग
इधर अस्पताल सूत्रों की माने तो आईएमएस के करीब आधा दर्जन ऐसे विभाग हैं, जिनमें कार्यरत प्रोफेसर तक बाहर प्रैक्टिस करते हैं। इनका वीडियो फुटेज भी तैयार कराया जा रहा है। इसमें कुछ चिकित्सकों के बारे में तो सबूत भी मिल चुके हैं। इधर तीन सदस्यीय कमेटी में एक रिटायर्ड आईपीएस के साथ ही बीएचयू के पूर्व चीफ प्रॉक्टर बतौर सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।