{"_id":"5b8e7e77867a55484c1bbc41","slug":"now-gurukul-open-in-kashi-where-students-learn-musical-instruments","type":"story","status":"publish","title_hn":"काशी में गुरुकुल का शुभारंभ, यहां विद्यार्थी सीखेगें वाद्य यंत्रों की बारीकियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी में गुरुकुल का शुभारंभ, यहां विद्यार्थी सीखेगें वाद्य यंत्रों की बारीकियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 04 Sep 2018 06:45 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्व विद्या की राजधानी काशी जहां धर्म, वेद विज्ञान, संस्कृत, साहित्य व संगीत का ज्ञान लेने देश ही नहीं विदेशों से भी छात्र आते हैं। उस काशी नगरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सोमवार को गंगा तट पर श्रीरामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की तपस्थली तुलसीघाट के तुलसीकुंज में शास्त्रीय संगीत गुरुकुल विद्यालय का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत संकटमोचन मंदिर के महंत विश्वम्भर नाथ मिश्र, व आभा मिश्र के साथ भगवान गणेश, मां सरस्वती व श्रीकृष्ण के पूजन अर्चन से किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा वैदिक विद्वानों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया।
ठुमरी सम्राट के पुत्र गणेश प्रसाद मिश्र ने गुरुकुल में आए छात्र-छात्राओं को स्वर गायन, बद्री नारायण पंडित व संजय कुमार पाठक ने तबला वादन के स्वर ताल की बारीकियों से रूबरू कराया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि शास्त्री संगीत गुरुकुल विद्यालय में संगीत के हर विद्या तबला, मृदंग, गिटार, सितार, हारमोनियम सहित गायन की शिक्षा पारंगत गुरुओं द्वारा दी जाएगी। इस गुरुकुल को शुरू करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत के साथ जोड़ना है। इस विद्यालय में छात्रों को शास्त्रीय संगीत का ज्ञान दिया जाएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरूआत संकटमोचन मंदिर के महंत विश्वम्भर नाथ मिश्र, व आभा मिश्र के साथ भगवान गणेश, मां सरस्वती व श्रीकृष्ण के पूजन अर्चन से किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा वैदिक विद्वानों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
ठुमरी सम्राट के पुत्र गणेश प्रसाद मिश्र ने गुरुकुल में आए छात्र-छात्राओं को स्वर गायन, बद्री नारायण पंडित व संजय कुमार पाठक ने तबला वादन के स्वर ताल की बारीकियों से रूबरू कराया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि विश्वम्भर नाथ मिश्र ने कहा कि शास्त्री संगीत गुरुकुल विद्यालय में संगीत के हर विद्या तबला, मृदंग, गिटार, सितार, हारमोनियम सहित गायन की शिक्षा पारंगत गुरुओं द्वारा दी जाएगी। इस गुरुकुल को शुरू करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत के साथ जोड़ना है। इस विद्यालय में छात्रों को शास्त्रीय संगीत का ज्ञान दिया जाएगा।