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कल जारी होगी एमएलसी चुनाव की अधिसूचना, 19 मार्च तक नामांकन
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स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना 15 मार्च को जारी हो जाएगी। इसी के साथ सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 19 मार्च तक प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र एडीएम प्रशासन के न्यायालय कक्ष में जमा कर सकेंगे। विधानसभा चुनाव के दौरान पहले जारी हुई अधिसूचना के वक्त खरीदे गए नामांकन पत्र और नामांकन मान्य होंगे। हालांकि वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में आधा दर्जन नामांकन पत्र तो खरीदे गए थे, मगर किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया था।
जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा की ओर से वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद पर्चा दाखिला की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कोविड गाइडलाइन के तहत प्रत्याशी के साथ तीन लोगों को नामांकन कक्ष में जाने की छूट मिलेगी। नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च निर्धारित है, इसमें लोक अवकाश पर नामांकन प्रक्रिया नहीं होगी। नामांकन पत्रों की जांच 21 मार्च को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 23 मार्च है। मतदान नौ अप्रैल को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है। मतों की गिनती 12 अप्रैल को होगी। निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के अलावा चंदौली और भदोही जिला शामिल है और सभी दावेदारों को वाराणसी में ही नामांकन करना होगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि निर्वाचक मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन फरवरी में हो चुका है। लेकिन चुनाव स्थगित होने के कारण इसका सत्यापन एक बार फिर से होगा ताकि सूची अपडेट रहे। आलेख्य प्रकाशन के दौरान मतदाताओं की संख्या 4949 रही। वाराणसी में 1867, चंदौली 1725 व भदोही जिले में 1357 मतदाता हैं। सत्यापन के बाद संख्या बढ़ व घट भी सकती है।
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वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के वाराणसी में 11, चंदौली में नौ और भदोही में छह मतदान मतदान केंद्र होंगे। एक फरवरी, 2022 के अनुसार मतदाताओं की संख्या जनपद वाराणसी में 1106 पुरुष 769 महिला सहित 1875, चंदौली में 984 पुरुष 736 महिला सहित 1720 तथा भदोही में 766 पुरुष 588 महिला सहित 1354 हैं। इस प्रकार कुल 2856 पुरुष 2093 महिला सहित 4949 मतदाता हैं।
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के पार्षद व महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, जिला व क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, छावनी परिषद के सदस्य व ग्राम पंचायत के प्रधान मतदान करते हैं।
वर्तमान में स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी जेल में बंद बृजेश सिंह उर्फ अरुण हैं और उन्होंने फरवरी के प्रथम सप्ताह में अधिसूचना के दौरान पर्चा भी खरीदा था। उस वक्त उनकी पत्नी और पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह सहित पांच लोगों ने नामांकन पत्रों की खरीद की थी। इस बार बृजेश सिंह के फिर मैदान में उतरने की उम्मीद है। पिछली बार हुए चुनाव में भाजपा ने इन्हें समर्थन दिया था। हालांकि विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा भी नए सिरे से इस पर मंथन कर रही है। कई दावेदार भी पार्टी में अपनी दावेदारी में जुटे हैं। इसके साथ कांग्रेस, बसपा, सपा सहित अन्य दल भी अपनी रणनीति बना रहे हैं। वाराणसी के इस चुनाव में सपा किसी कद्दावर को मैदान में उतारने की तैयारी है।
दरअसल, पिछली बार सैय्यदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू ने अपने करीबी रिश्तेदार मीना सिंह को सपा के टिकट पर मैदान में उतारा था। मगर, उस चुनाव में निर्दलीय बृजेश सिंह को 3038 मत मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीना सिंह को 1084 वोट ही मिला था। इस बार मनोज सिंह डब्ल्यू फिर बृजेश सिंह के भतीजे और सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह से विधानसभा चुनाव में पटखनी खा चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सपा इस चुनाव में रणनीति के साथ मैदान में आएगी।
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जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा की ओर से वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद पर्चा दाखिला की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कोविड गाइडलाइन के तहत प्रत्याशी के साथ तीन लोगों को नामांकन कक्ष में जाने की छूट मिलेगी। नामांकन की अंतिम तिथि 19 मार्च निर्धारित है, इसमें लोक अवकाश पर नामांकन प्रक्रिया नहीं होगी। नामांकन पत्रों की जांच 21 मार्च को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 23 मार्च है। मतदान नौ अप्रैल को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित है। मतों की गिनती 12 अप्रैल को होगी। निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के अलावा चंदौली और भदोही जिला शामिल है और सभी दावेदारों को वाराणसी में ही नामांकन करना होगा।
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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि निर्वाचक मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन फरवरी में हो चुका है। लेकिन चुनाव स्थगित होने के कारण इसका सत्यापन एक बार फिर से होगा ताकि सूची अपडेट रहे। आलेख्य प्रकाशन के दौरान मतदाताओं की संख्या 4949 रही। वाराणसी में 1867, चंदौली 1725 व भदोही जिले में 1357 मतदाता हैं। सत्यापन के बाद संख्या बढ़ व घट भी सकती है।
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वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के वाराणसी में 11, चंदौली में नौ और भदोही में छह मतदान मतदान केंद्र होंगे। एक फरवरी, 2022 के अनुसार मतदाताओं की संख्या जनपद वाराणसी में 1106 पुरुष 769 महिला सहित 1875, चंदौली में 984 पुरुष 736 महिला सहित 1720 तथा भदोही में 766 पुरुष 588 महिला सहित 1354 हैं। इस प्रकार कुल 2856 पुरुष 2093 महिला सहित 4949 मतदाता हैं।
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के पार्षद व महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, जिला व क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, छावनी परिषद के सदस्य व ग्राम पंचायत के प्रधान मतदान करते हैं।
वर्तमान में स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी जेल में बंद बृजेश सिंह उर्फ अरुण हैं और उन्होंने फरवरी के प्रथम सप्ताह में अधिसूचना के दौरान पर्चा भी खरीदा था। उस वक्त उनकी पत्नी और पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह सहित पांच लोगों ने नामांकन पत्रों की खरीद की थी। इस बार बृजेश सिंह के फिर मैदान में उतरने की उम्मीद है। पिछली बार हुए चुनाव में भाजपा ने इन्हें समर्थन दिया था। हालांकि विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद भाजपा भी नए सिरे से इस पर मंथन कर रही है। कई दावेदार भी पार्टी में अपनी दावेदारी में जुटे हैं। इसके साथ कांग्रेस, बसपा, सपा सहित अन्य दल भी अपनी रणनीति बना रहे हैं। वाराणसी के इस चुनाव में सपा किसी कद्दावर को मैदान में उतारने की तैयारी है।
दरअसल, पिछली बार सैय्यदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू ने अपने करीबी रिश्तेदार मीना सिंह को सपा के टिकट पर मैदान में उतारा था। मगर, उस चुनाव में निर्दलीय बृजेश सिंह को 3038 मत मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीना सिंह को 1084 वोट ही मिला था। इस बार मनोज सिंह डब्ल्यू फिर बृजेश सिंह के भतीजे और सैय्यदराजा विधायक सुशील सिंह से विधानसभा चुनाव में पटखनी खा चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सपा इस चुनाव में रणनीति के साथ मैदान में आएगी।