जौनपुर: 23 सफाई वाहनों के बेकार खड़े होने पर ईओ और जेई को नोटिस, बदहाली पर दो सफाई इंस्पेक्टरों का रोका वेतन
अमर उजाला अखबार ने सोमवार को 'लाखों के सफाई वाहन बेकार' शीर्षक से इस समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में रोजाना 97 टन कूड़ा निकलता है।
विस्तार
जौनपुर शहर में सफाई के लिए खरीदे गए 23 वाहनों के चार माह से निष्प्रयोज्य खड़े होने को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को नोडल अधिकारी नगर निकाय व एडीएम भू व राजस्व राज कुमार द्विवेदी ने अधिशासी अधिकारी और अवर अभियंता को नोटिस जारी किया है। जबकि शहर में सफाई सुविधा बदहाल होने को लेकर दो सफाई इंस्पेक्टरों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। अमर उजाला अखबार ने सोमवार को इस मुद्दे को उठाया था।
चार माह पहले खरीदे गए थे वाहन
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में रोजाना 97 टन कूड़ा निकलता है। प्रमुख सड़कों व बाजारों की सफाई कर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ ले रहे हैं। लेकिन मोहल्लों में रोज कूड़ा उठान नहीं होने से गंदगी का अंबार लगा रहता है। मोहल्लों से कूड़ा उठान के लिए तकरीबन ढाई करोड़ से 32 वाहन खरीदने की योजना थी। इसमें से 23 वाहन चार माह पहले ही खरीदे जा चुके थे। इन्हें जलकल विभाग के परिसर में रखा गया है। इन वाहनों का उपयोग नहीं किया जा रहा था।
अमर उजाला अखबार ने सोमवार को 'लाखों के सफाई वाहन बेकार' शीर्षक से इस समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिसके बाद जिम्मेदारों की तंद्रा टूटी। मामले में अधिशासी अधिकारी और अवर अभियंता को नोटिस देते हुए सफाई व्यवस्था बदहाल होने पर दो सफाई इंस्पेक्टरों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने की कार्रवाई की गई।
इस संबंध में नोडल अधिकारी नगर निकाय राज कुमार द्विवेदी का कहना है कि वाहन क्यों खड़े है, इसका स्पष्टीकरण देने के लिए ईओ व जेई को नोटिस दी गई है। वहीं सफाई व्यवस्था बदहाल होने को लेकर दो सफाई इंस्पेक्टर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।