कोरोना वायरस से बचाव: लॉकडाउन के कारण पूर्वोत्तर रेलवे रोजाना उठा रहा इतने करोड़ का नुकसान
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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से सभी ट्रेनों को 14 अप्रैल तक निरस्त कर दिया गया है। इससे रेलवे को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। सिर्फ पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल को रोजाना दो करोड़ का नुकसान हो रहा है। रेलवे की ओर से भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
लॉकडाउन के दौरान रेलवे ने बंदी बढ़ाकर 14 अप्रैल तक कर दिया है। अब पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के साथ-साथ टिकट आरक्षण केंद्र भी बंद रहेंगे। रेल अफसरों के अनुसार कोरोना जैसी घातक बीमारी से जनता को बचाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था।
अफसर भी मानते है कि परिचालन, बुकिंग और अन्य कार्य ठप होने से रेलवे की क्षति का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। वाराणसी मंडल में सभी रेलवे स्टेशनों पर इस समय सन्नाटा पसरा है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल को रोजाना लगभग दो करोड़ का नुकसान हो रहा हैं। रेलवे की ओर से भी अपील की जा रही है कि घर से बाहर ना निकलें।
निर्बाध रूप से हो रहा मालगाड़ियों का परिचालन
लॉकडाउन और कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी के बीच एक ओर जहां लोग घरों में हैं तो वहीं कुछ रेलकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी के साथ निभा रहे हैं। खाद्यान्न, दवा सहित अन्य आवश्यक सामानों का आकाल न पड़े, इसलिए मालगाड़ी चलाकर निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहे हैं।
उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन से अन्य राज्यों के बीच मालगाड़ी की कड़ी टूटी नहीं है। डिप्टी एसएस डीके सिंह बताते हैं कि कर्तव्यों का बखूबी पालन किया जा रहा है। गार्ड अरविंद कुमार भारती ने बताया कि कोरोना जैसी घातक बीमारी के बीच जो जिम्मेदारी दी गई है उसका निष्ठा के साथ निर्वहन किया जा रहा है।