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नहर में पानी नहीं, माइनर में नहीं सफाई, किसान कैसे करेंगे सिंचाई
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एक तरफ खेतों में किसानों ने धान के बीज शुक्रवार से डालना शुरू कर दिया है वहीं दूसरी ओर सिंचाई के दो प्रमुख साधन नहर और नलकूपों की हालत बदहाल है। खराब नलकूप क्षतिग्रस्त नालियां और नहर, माइनर और रजवाहों की सफाई पूरी न होने से किसी भी नहर में पानी नहीं है।
राजातालाब के आराजीलाइन के पनियरा जक्खिनी, शाहंशाहपुर, दीपापुर, में नलकूपों की नालियां ध्वस्त हैं, जो नालियां अंडर ग्राउंड हैं वह जाम हैं। नरसड़ा गांव का नलकूप संख्या 317 बंद पड़ा है। नलकूप विभाग के अभियंता को सूचना के बाद भी नहीं ठीक हुआ।
रोहनिया क्षेत्र के राजकीय नलकूप चालू हालत में हैं मगर नालियां क्षतिग्रस्त हैं। दरेखू के नलकूप प्रथम की नालियां क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई कार्य बाधित है। वही नाली को पाट दिया गया है जिससे पानी नही आता है। लोहता के ज्ञानपुर प्रखंड के लोहता माइनर की इस वर्ष सफाई नहीं हुई।
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बदहाल हैं पंप कैनाल
जिले में लघु डाल खंड की छह पंप कैनाल के अलावा ज्ञानपुर प्रखंड और शारदा सहायक नहरों का जाल बिछा हुआ है। लघु डाल खंड की जिले में गंगा नदी से निकली मुड़ादेव, छितौनी, कैथी, चंद्रवाती, नियारडी और गोमती नदी से भगवानपुर नहर निकली है। जिसमें साफ सफाई न होने से घास से पटी पड़ी है।
नहर के पास खेत होने के बाद भी नहर के पानी से सिंचाई नहीं कर पाता हूं। बारिश कम होने और गांव बिजली कटौती अधिक होने से सिंचाई ठीक से नहीं हो पाती। - दिनेश तिवारी, बड़ागांव
लिफ्ट कैनाल हमेशा बंद रहता है। कैनाल पर पानी के लिए जाते हैं तो कर्मचारी बताते हैं कि मोटर खराब है, स्टार्टर खराब है। तमाम बहाने बनाकर लौटा देते है। - बेचन सिंह, किसान, नियार
वर्जन
जिले में 520 नलकूप हैं, जिसमें सात नलकूप के मोटरों के जले होने की शिकायत आई है। लेकिन बजट नहीं होने के अभाव में मोटरों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट आने पर खराब नलकूपों की मरम्मत की जाएगी। - मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नलकूप प्रखंड
लघु डाल नहरों की सफाई के लिए और अनुरक्षण कार्यों के लिए हर साल 38 हजार रुपये बजट का मिलता है। जिसमें नहरों की साफ सफाई साथ ही मोटर अनुरक्षण सहित अन्य कार्य किए जाते है। - बृजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लघु डाल खंड
नहरों की दूरी और क्षमता
नहर क्षमता (क्यूसेक) दूरी (किलोमीटर)
मुड़ादेव 10 3.1
छितौनी 10 4.6
कैथी 10 3.3
चंद्रवाती 20 6.2
नियारडीह 30 7.7
भगवानपुर 10 2.5
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राजातालाब के आराजीलाइन के पनियरा जक्खिनी, शाहंशाहपुर, दीपापुर, में नलकूपों की नालियां ध्वस्त हैं, जो नालियां अंडर ग्राउंड हैं वह जाम हैं। नरसड़ा गांव का नलकूप संख्या 317 बंद पड़ा है। नलकूप विभाग के अभियंता को सूचना के बाद भी नहीं ठीक हुआ।
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रोहनिया क्षेत्र के राजकीय नलकूप चालू हालत में हैं मगर नालियां क्षतिग्रस्त हैं। दरेखू के नलकूप प्रथम की नालियां क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई कार्य बाधित है। वही नाली को पाट दिया गया है जिससे पानी नही आता है। लोहता के ज्ञानपुर प्रखंड के लोहता माइनर की इस वर्ष सफाई नहीं हुई।
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बदहाल हैं पंप कैनाल
जिले में लघु डाल खंड की छह पंप कैनाल के अलावा ज्ञानपुर प्रखंड और शारदा सहायक नहरों का जाल बिछा हुआ है। लघु डाल खंड की जिले में गंगा नदी से निकली मुड़ादेव, छितौनी, कैथी, चंद्रवाती, नियारडी और गोमती नदी से भगवानपुर नहर निकली है। जिसमें साफ सफाई न होने से घास से पटी पड़ी है।
नहर के पास खेत होने के बाद भी नहर के पानी से सिंचाई नहीं कर पाता हूं। बारिश कम होने और गांव बिजली कटौती अधिक होने से सिंचाई ठीक से नहीं हो पाती। - दिनेश तिवारी, बड़ागांव
लिफ्ट कैनाल हमेशा बंद रहता है। कैनाल पर पानी के लिए जाते हैं तो कर्मचारी बताते हैं कि मोटर खराब है, स्टार्टर खराब है। तमाम बहाने बनाकर लौटा देते है। - बेचन सिंह, किसान, नियार
वर्जन
जिले में 520 नलकूप हैं, जिसमें सात नलकूप के मोटरों के जले होने की शिकायत आई है। लेकिन बजट नहीं होने के अभाव में मोटरों की मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट आने पर खराब नलकूपों की मरम्मत की जाएगी। - मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नलकूप प्रखंड
लघु डाल नहरों की सफाई के लिए और अनुरक्षण कार्यों के लिए हर साल 38 हजार रुपये बजट का मिलता है। जिसमें नहरों की साफ सफाई साथ ही मोटर अनुरक्षण सहित अन्य कार्य किए जाते है। - बृजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लघु डाल खंड
नहरों की दूरी और क्षमता
नहर क्षमता (क्यूसेक) दूरी (किलोमीटर)
मुड़ादेव 10 3.1
छितौनी 10 4.6
कैथी 10 3.3
चंद्रवाती 20 6.2
नियारडीह 30 7.7
भगवानपुर 10 2.5