{"_id":"584326fd4f1c1b7f76de5b0f","slug":"no-parking-left-no-interlocking-sank-2-5-million","type":"story","status":"publish","title_hn":"न पार्किंग बची न इंटरलॉकिंग, डूब गए 25 लाख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न पार्किंग बची न इंटरलॉकिंग, डूब गए 25 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 04 Dec 2016 10:44 AM IST
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कचहरी क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग और जाम की समस्या से निबटने के लिए तीन साल पहले अवस्थापना निधि से खर्च की गई 25 लाख रुपये की रकम वीडीए, नगर निगम और प्रशासन की अदूरदर्शिता की भेंट चढ़ गई। जेपी मेहता इंटर कॉलेज और बनारस क्लब रोड पर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था तीन साल से उपयोग में ही नहीं लाई जा सकी, और अब पार्किंग के लिए बनी रेलिंग और इंटरलॉकिंग को उखड़वाकर वहां नाला बनवाया जा रहा है। पार्किंग की समस्या तो हल हुई नहीं, अलबत्ता अवस्थापना निधि के 25 लाख रुपये बरबाद हो गए।
कचहरी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या इतनी गंभीर है कि सिविल कोर्ट और स्टेट बैंक की बाउंड्री से सटकर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। आधी सड़क बेतरतीब पार्किंग में खप जाती है और इसके चलते रोजाना जाम लगा रहता है। इसके मद्देनजर तीन साल पहले तत्कालीन डीएम प्रांजल यादव की पहल पर वीडीए की अवस्थापना निधि से 25 लाख रुपये की लागत से जेपी मेहता कॉलेज और बनारस क्लब के पास पार्किंग बनाई गई। लोहे की रेलिंग लगाकर वाहनों के खड़े होने के लिए इंटरलॉकिंग की गई। मगर उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम की उदासीनता से ये पार्किंग स्थल शोपीस बनकर रह गए। अब पार्किंग स्थल पर एनएचएआई सड़क के दोनों किनारे पर नाला बना रहा है। लोहे की रेलिंग और इंटरलॉकिंग उखड़ने लगी है। जो जगह बची है, उसमें गर्म कपड़ों का बाजार सजा हुआ है। यदि ये पार्किंग व्यवस्था शुरू हो गई होती तो सिविल कोर्ट और स्टेट बैंक के पास वाहनों की कतार नहीं लगती और जाम नहीं लगता लेकिन इस पर ध्यान देने के बजाय निगम ने कचहरी अंबेडकर प्रतिमा के पास पार्किंग की अनुमति दे दी, जिसके चलते जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ नगर निगम, यातायात पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को 70 वाहनांे का चालान किया गया। कई दूकानों के भी चालान काटे गए और अतिक्रमणकारियों से 37 हजार 100 रुपये जुर्माना वसूला गया। कोतवाली, भेलूपुर, आदमपुर, दशाश्वमेध और वरुणापार जोन में हुई इस कार्रवाई से अफरातफरी मची रही। वरुणा पार जोन में जोनल अधिकारी महातम यादव और अमरेंद्र गौतम के नेतृत्व में पंचक्रोशी मार्ग पर अभियान चलाया गया। गंदगी फैलाने, अतिक्रमण करने, अवैध पार्किंग करने वालों से 11100 रुपये जुर्माना वसूला गया। अवैध पार्किंग में नौ वाहनों का चालान किया गया।
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भेलूपुर जोन में जोनल अधिकारी अतुल यादव के नेतृत्व में दुर्गाकुंड से संकटमोचन मंदिर तक अवैध पार्किंग में खड़े 40 वाहनों के चालान काटे गए। गंदगी और अतिक्रमण पर 15 दूकानों से 10800 रुपये जुर्माना वसूला। कोतवाली जोन में 33 दूकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 10800 रुपये शुल्क वसूला गया। साथ ही 25 वाहनों का चालान किया गया। इधर, लोहता बाजार में रोड कब्जा करने पर 15 दूकानों का चालान किया। लोहता थानाध्यक्ष ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले दूकानदारों को कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। आदमपुर के लाटभैरव के अलावा दशाश्वमेध में भी कार्रवाई हुई। 4100 रुपये जुर्माना वसूला गया। अतिक्रमण पर 13 दूकानों के चालान काटे गए। अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी ने बताया कि शहर भ्ार में यह अभियान जारी रहेगा। अवैध पार्किंग अतिक्रमण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सड़कों की चौड़ाई इतनी भी नहीं कि ट्रैफिक के दबाव के बीच ठीक से वाहन गुजर पाएं, उन व्यस्त चौराहों पर आखिर किन परिस्थितियों में नगर निगम ने पार्किंग बना दी, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकार जगह-जगह सड़कों पर वाहन खड़े किए जाने को जाम की सबसे बड़ी वजह बता रहे हैं। रोजाना लोगों की जाम से जूझना पड़ रहा है लेकिन नगर निगम को कोई परवाह नहीं।
शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम से निबटने के लिए एक तरफ यातायात विभाग और प्रशासन के स्तर से कवायद चल रही है वहीं दूसरी तरफ खुद नगर निगम की कारगुजारियों से उन सभी कवायदों पर पानी फिर गया है। कचहरी, गोलघर, पांडेयपुर, संकटमोचन, मैदागिन, लंका, इंग्लिशिलाइन, बेनियाबाग, दुर्गाकुंड आदि स्थानों पर सड़कों पर पार्किंग बनाए जाने से चौराहे चौपट हो गए हैं। रोजाना जाम लगने के साथ सड़कें भी बरबाद हो रही हैं। बावजूद इसके नगर निगम और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं।
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कचहरी क्षेत्र में पार्किंग की समस्या इतनी गंभीर है कि सिविल कोर्ट और स्टेट बैंक की बाउंड्री से सटकर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। आधी सड़क बेतरतीब पार्किंग में खप जाती है और इसके चलते रोजाना जाम लगा रहता है। इसके मद्देनजर तीन साल पहले तत्कालीन डीएम प्रांजल यादव की पहल पर वीडीए की अवस्थापना निधि से 25 लाख रुपये की लागत से जेपी मेहता कॉलेज और बनारस क्लब के पास पार्किंग बनाई गई। लोहे की रेलिंग लगाकर वाहनों के खड़े होने के लिए इंटरलॉकिंग की गई। मगर उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम की उदासीनता से ये पार्किंग स्थल शोपीस बनकर रह गए। अब पार्किंग स्थल पर एनएचएआई सड़क के दोनों किनारे पर नाला बना रहा है। लोहे की रेलिंग और इंटरलॉकिंग उखड़ने लगी है। जो जगह बची है, उसमें गर्म कपड़ों का बाजार सजा हुआ है। यदि ये पार्किंग व्यवस्था शुरू हो गई होती तो सिविल कोर्ट और स्टेट बैंक के पास वाहनों की कतार नहीं लगती और जाम नहीं लगता लेकिन इस पर ध्यान देने के बजाय निगम ने कचहरी अंबेडकर प्रतिमा के पास पार्किंग की अनुमति दे दी, जिसके चलते जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
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अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ नगर निगम, यातायात पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को 70 वाहनांे का चालान किया गया। कई दूकानों के भी चालान काटे गए और अतिक्रमणकारियों से 37 हजार 100 रुपये जुर्माना वसूला गया। कोतवाली, भेलूपुर, आदमपुर, दशाश्वमेध और वरुणापार जोन में हुई इस कार्रवाई से अफरातफरी मची रही। वरुणा पार जोन में जोनल अधिकारी महातम यादव और अमरेंद्र गौतम के नेतृत्व में पंचक्रोशी मार्ग पर अभियान चलाया गया। गंदगी फैलाने, अतिक्रमण करने, अवैध पार्किंग करने वालों से 11100 रुपये जुर्माना वसूला गया। अवैध पार्किंग में नौ वाहनों का चालान किया गया।
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भेलूपुर जोन में जोनल अधिकारी अतुल यादव के नेतृत्व में दुर्गाकुंड से संकटमोचन मंदिर तक अवैध पार्किंग में खड़े 40 वाहनों के चालान काटे गए। गंदगी और अतिक्रमण पर 15 दूकानों से 10800 रुपये जुर्माना वसूला। कोतवाली जोन में 33 दूकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 10800 रुपये शुल्क वसूला गया। साथ ही 25 वाहनों का चालान किया गया। इधर, लोहता बाजार में रोड कब्जा करने पर 15 दूकानों का चालान किया। लोहता थानाध्यक्ष ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले दूकानदारों को कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। आदमपुर के लाटभैरव के अलावा दशाश्वमेध में भी कार्रवाई हुई। 4100 रुपये जुर्माना वसूला गया। अतिक्रमण पर 13 दूकानों के चालान काटे गए। अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी ने बताया कि शहर भ्ार में यह अभियान जारी रहेगा। अवैध पार्किंग अतिक्रमण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सड़कों की चौड़ाई इतनी भी नहीं कि ट्रैफिक के दबाव के बीच ठीक से वाहन गुजर पाएं, उन व्यस्त चौराहों पर आखिर किन परिस्थितियों में नगर निगम ने पार्किंग बना दी, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जानकार जगह-जगह सड़कों पर वाहन खड़े किए जाने को जाम की सबसे बड़ी वजह बता रहे हैं। रोजाना लोगों की जाम से जूझना पड़ रहा है लेकिन नगर निगम को कोई परवाह नहीं।
शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम से निबटने के लिए एक तरफ यातायात विभाग और प्रशासन के स्तर से कवायद चल रही है वहीं दूसरी तरफ खुद नगर निगम की कारगुजारियों से उन सभी कवायदों पर पानी फिर गया है। कचहरी, गोलघर, पांडेयपुर, संकटमोचन, मैदागिन, लंका, इंग्लिशिलाइन, बेनियाबाग, दुर्गाकुंड आदि स्थानों पर सड़कों पर पार्किंग बनाए जाने से चौराहे चौपट हो गए हैं। रोजाना जाम लगने के साथ सड़कें भी बरबाद हो रही हैं। बावजूद इसके नगर निगम और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं।