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बोली थी पनीर की सब्जी बनवाना पापा, सुबह आकर खा लेंगे
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वाराणसी। शिक्षिका निवेदिता सिंह और उनके पिता सुबोध सिंह की रविवार की रात आखिरी बार बात हुई थी। निवेदिता ने पिता से कहा था कि मां से कहिए कि पनीर की सब्जी बनाएं। रात में नहीं आ पाए तो हम सुबह आकर खा लेंगे। यह बातें कहते हुए निवेदिता की मां प्रेमशीला बिलख रही थीं। इस दौरान मुहल्ले की महिलाएं ढांढस बंधा रही थी। उधर, नानी की गोद में दुबकी हुई निवेदिता की दिव्यांग बेटी चुपचाप एकटक सबको देख रही थी। महिलाओं का कहना था कि मासूम समझ भी नहीं पा रही है कि उसकी मां के साथ क्या हुआ है।
निवेदिता और उनके पति शैलेंद्र के बीच मनमुटाव के बाद उनकी बेटी नाना-नानी के पास रहती है। मां प्रेमशीला ने बताया कि सुबह बेटी को उसके पिता ने फोन मिलाया लेकिन नहीं लगा। इस पर उन्होंने पड़ोसियों को फोन किया तब भी कुछ पता नहीं लगा तो शंका होने लगी। प्रेमशीला ने कहा कि अब मासूम नातिन की भविष्य की चिंता सताए जा रही है। कुछ बोल और समझ न पाने वाली दूसरे पर पूरी तरह से आश्रित मासूम की जिंदगी कैसे कटेगी, समझ में नहीं आ रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि निवेदिता काफी मिलनसार प्रवृत्ति की थी, इसी वजह से आसपास के सभी लोगों से उनकी जान-पहचान थी। परिजनों के साथ ही मुहल्ले के लोग भी निवेदिता की हत्या से खासे दुखी दिखे और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की पुलिस से मांग की।
पोस्टमार्टम कराने से पहले गिरफ्तार करें हत्यारों को
निवेदिता का शव पुलिस पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों ने मना कर दिया और हंगामा करने लगे। सभी का कहना था कि हत्या करने वाले और इसकी साजिश में शामिल लोगों को पुलिस पहले गिरफ्तार करे और फिर शव का पोस्टमार्टम कराए। इस पर सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने सभी को समझाया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार किया जाएगा तो लोग शांत हुए। उधर, महिला की हत्या के बावजूद मौके पर महिला पुलिसकर्मी लगभग दो घंटे की देरी से पहुंची। इसे लेकर अधिकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों को खासी फटकार लगाई।
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सबसे लगाई थी फरियाद, किसी ने नहीं दिया ध्यान
सुबोध सिंह ने बताया कि उनका दामाद निवेदिता पर घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमे में समझौता करने का अकसर दबाव बनाता था और बात न मानने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी देता रहता था। इसकी शिकायत पुलिस से लेकर रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय तक की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज उनकी बेटी की हत्या कर दी गई तो सभी ढांढस बंधा रहे हैं। यदि पहले ही प्रभावी कार्रवाई हो जाती तो यह दिन न देखना पड़ता।
सीसी कैमरों की फुटेज खंगालें, सही खुलासा करें
वारदात की जानकारी पाकर एसएसपी आनंद कुलकर्णी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लंका इंस्पेक्टर को कहा कि घटनास्थल के आसपास के जिन मकानों में सीसी कैमरे लगे हैं, उनकी फुटेज खंगालें और सर्विलांस की भी मदद लें। वारदात का सही खुलासा होना चाहिए और ठोस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की जाए।
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निवेदिता और उनके पति शैलेंद्र के बीच मनमुटाव के बाद उनकी बेटी नाना-नानी के पास रहती है। मां प्रेमशीला ने बताया कि सुबह बेटी को उसके पिता ने फोन मिलाया लेकिन नहीं लगा। इस पर उन्होंने पड़ोसियों को फोन किया तब भी कुछ पता नहीं लगा तो शंका होने लगी। प्रेमशीला ने कहा कि अब मासूम नातिन की भविष्य की चिंता सताए जा रही है। कुछ बोल और समझ न पाने वाली दूसरे पर पूरी तरह से आश्रित मासूम की जिंदगी कैसे कटेगी, समझ में नहीं आ रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि निवेदिता काफी मिलनसार प्रवृत्ति की थी, इसी वजह से आसपास के सभी लोगों से उनकी जान-पहचान थी। परिजनों के साथ ही मुहल्ले के लोग भी निवेदिता की हत्या से खासे दुखी दिखे और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की पुलिस से मांग की।
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पोस्टमार्टम कराने से पहले गिरफ्तार करें हत्यारों को
निवेदिता का शव पुलिस पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो परिजनों ने मना कर दिया और हंगामा करने लगे। सभी का कहना था कि हत्या करने वाले और इसकी साजिश में शामिल लोगों को पुलिस पहले गिरफ्तार करे और फिर शव का पोस्टमार्टम कराए। इस पर सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने सभी को समझाया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार किया जाएगा तो लोग शांत हुए। उधर, महिला की हत्या के बावजूद मौके पर महिला पुलिसकर्मी लगभग दो घंटे की देरी से पहुंची। इसे लेकर अधिकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों को खासी फटकार लगाई।
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सबसे लगाई थी फरियाद, किसी ने नहीं दिया ध्यान
सुबोध सिंह ने बताया कि उनका दामाद निवेदिता पर घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमे में समझौता करने का अकसर दबाव बनाता था और बात न मानने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी देता रहता था। इसकी शिकायत पुलिस से लेकर रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय तक की गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज उनकी बेटी की हत्या कर दी गई तो सभी ढांढस बंधा रहे हैं। यदि पहले ही प्रभावी कार्रवाई हो जाती तो यह दिन न देखना पड़ता।
सीसी कैमरों की फुटेज खंगालें, सही खुलासा करें
वारदात की जानकारी पाकर एसएसपी आनंद कुलकर्णी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लंका इंस्पेक्टर को कहा कि घटनास्थल के आसपास के जिन मकानों में सीसी कैमरे लगे हैं, उनकी फुटेज खंगालें और सर्विलांस की भी मदद लें। वारदात का सही खुलासा होना चाहिए और ठोस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की जाए।