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Varanasi: निर्जला एकादशी पर अनोखे रंग में नजर आई काशी, बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया 1008 कलश गंगा जल
Fri, 10 Jun 2022 06:31 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 10 Jun 2022 06:31 PM IST
सार
निर्जला एकादशी पर भगवान शिव की नगरी काशी अनोखे रंग में नजर आई। निर्जला एकादशी पर बाबा विश्वनाथ को 1008 कलश से जल अर्पित किया गया। इस दौरान कलश यात्रा में भगवान शिव के स्वरूपों का स्वांग धरकर शिव स्तुति करते चल रहे थे।
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विश्वनाथ मंदिर तक कलशयात्रा निकाली गई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निर्जला एकादशी पर भगवान शिव की नगरी काशी अनोखे रंग में नजर आई। निर्जला एकादशी पर बाबा विश्वनाथ को 1008 कलश से जल अर्पित किया गया। इस दौरान कलश यात्रा में भगवान शिव के स्वरूपों का स्वांग धरकर शिव स्तुति करते चल रहे थे। काशी मोक्षदायनी सेवा समिति की ओर से शुक्रवार सुबह राजेंद्र प्रसाद घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक कलशयात्रा निकाली गई।ॉॉ
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यात्रा में शामिल बाबा के भक्तों ने काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। समिति के अध्यक्ष पवन चौधरी ने बताया पिछले 23 वर्षों से कलश यात्रा निकाल बाबा का अभिषेक किया जाता है। कलश यात्रा राजेंद्र प्रसाद घाट से शुरू होकर, चितरंजन पार्क, गोदौलिया, बांसफाटक होते हुए गेट संख्या चार से प्रवेश किया। कलश यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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जंत्रलेश्वर यादव ने बताया कि जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रेरणा से वर्ष 1998 से देवाधिदेव महादेव को प्रसन्न करने के लिए कलश यात्रा निकाली जा रही है। कलश यात्रा में आगे आगे डमरू दल के सदस्य के अलावा बाबा भोले की वेश में कलाकार शिव स्तुति करते चल रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
बताया कि काशी विश्वनाथ वार्षिक कलश यात्रा लक्खी मेले का रूप ले चुका है। भारत की सभी पवित्र नदियों समेत मॉरिशस के शिव सरोवर, नेपाल की बागमती नदी एवं चित्रकूट के पवित्र कूप जल से भगवान का जलाभिषेक किया गया। सत्यनारायण मंदिर पहुंचने पर खत्री हितकरणी सभा के समी खत्री, सुनील मेहरोत्रा ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। यात्रा से पूर्व अमरकांत ने कलश पूजन कराया।