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निपाह वायरस: इंसान ही नहीं, फल बाजार और पर्यटन भी चपेट में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:50 AM IST
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निपाह वायरस
निपाह वायरस का असर केवल इंसानों के स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि फलों के बाजार पर भी पड़ रहा है। केले सहित अन्य फलों की मांग में जबरदस्त गिरावट आई है तो वहीं आढ़ती केरल के बजाय भुसावल से केला मंगा रहे हैं।
दूसरी ओर पर्यटन पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है। केरल में जंगलों से निकले फलों से इंसानी शरीर में निपाह वायरस फैलने के बाद बाजार पर व्यापक असर पड़ा है।
बनारस की पहड़िया मंडी में जहां हर रोज छह से सात ट्रक केला पहुंचता था वह घटकर दो-तीन पर आ गया है। इतना ही नहीं आढ़ती केरल के बजाय भुसावल से केला मंगा रहे हैं।
आढ़ती दशरथ प्रसाद ने बताया कि एक ट्रक में 15 से 18 टन माल होता है। खपत कम होने की वजह से केले की आवक घटी है। वहीं दूसरी ओर फल विक्रेता कुलदीप ने बताया कि ग्राहक केले के अलावा आम और मुसम्मी तक खरीदने से बच रहे हैं। इसके चलते फुटकर मंडी में फलों की बिक्री में कमी आई है।
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उधर, गर्मी की छुट्टियों में केरल जाने वाले सैलानियों की संख्या में भी कमी आई है। जहां नई बुकिंग बहुत कम हो रही है, वहीं लोग पुरानी बुकिंग भी कैंसिल करा रहे हैं। केरल पर्यटन से जुड़ी एजेंसियां इसको लेकर चिंतित हैं।
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दूसरी ओर पर्यटन पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है। केरल में जंगलों से निकले फलों से इंसानी शरीर में निपाह वायरस फैलने के बाद बाजार पर व्यापक असर पड़ा है।
बनारस की पहड़िया मंडी में जहां हर रोज छह से सात ट्रक केला पहुंचता था वह घटकर दो-तीन पर आ गया है। इतना ही नहीं आढ़ती केरल के बजाय भुसावल से केला मंगा रहे हैं।
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आढ़ती दशरथ प्रसाद ने बताया कि एक ट्रक में 15 से 18 टन माल होता है। खपत कम होने की वजह से केले की आवक घटी है। वहीं दूसरी ओर फल विक्रेता कुलदीप ने बताया कि ग्राहक केले के अलावा आम और मुसम्मी तक खरीदने से बच रहे हैं। इसके चलते फुटकर मंडी में फलों की बिक्री में कमी आई है।
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उधर, गर्मी की छुट्टियों में केरल जाने वाले सैलानियों की संख्या में भी कमी आई है। जहां नई बुकिंग बहुत कम हो रही है, वहीं लोग पुरानी बुकिंग भी कैंसिल करा रहे हैं। केरल पर्यटन से जुड़ी एजेंसियां इसको लेकर चिंतित हैं।