कोरोना के कारण प्रतिबंध: घाटों पर शाम चार बजे के बाद प्रवेश बंद, पार्क और स्टेडियम में जानें का समय जानें
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तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार से सभी घाटों, पार्क और स्टेडियम में शाम चार बजे के बाद प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक ही यहां गतिविधि की जा सकती है। हालांकि घाटों पर आरती के आयोजक, अर्चक, घाट पर स्थित घर के सदस्य, नाविक और नाव से यात्रा करने वाले लोग इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। अंतिम संस्कार से जुड़े लोगों को भी इससे रियायत दी गई है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने महामारी अधिनियम के तहत 12 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रतिबंध लागू किया है। इमसें पर्यटक नाव से यात्रा कर सकेंगे, मगर घाट का इस्तेमाल केवल नाव पर चढ़ने और उतरने के लिए किया जाएगा। रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक घर से नहीं निकलने का प्रतिबंध धार्मिक स्थलों पर भी लागू रहेगा।
बिना अनुमति कार्यक्रम पर होगी कार्रवाई
शासन की ओर से कार्यक्रमों की नई गाइड लाइन पर स्थानीय प्रशासन ने निर्देश जारी किया है। सुबह छह बजे से रात नौ बजे के बीच खुले स्थान पर 100 और बंद परिसर में 50 लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम कराया जा सकेगा। इसमें फेस मास्क, कवर, हैंडवाश, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनिटाइजेशन आवश्यक होगा।
मंदिरों में हैंडवाश और सेनिटाइजेशन जरूरी
धार्मिक स्थलों पर एक समय में पांच लोगों के प्रतिबंध के बाद वाराणसी प्रशासन ने धर्मस्थलों के बाहर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया है। यहां थर्मल स्कैनिंग के साथ हैंड सेनिटाइजेशन, हैंडवाश, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पालन कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के प्रतिबंध के बाद सभी धर्मस्थलों में इसे लागू करने का निर्देश दिया है। मंदिर में प्रसाद से लेकर कलावा तक में भी रोक लगाई गई है।
ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण प्रदेश के कक्षा एक से 12 तक के विद्यालयों को बंद करने का निर्देश जारी हो गया है। इस दौरान शिक्षकों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये बच्चों को पढ़ाने का निर्देश दिया गया है। कम संख्या वाले ग्रुप में उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। बीएसए राकेश सिंह ने दीक्षा व रीड एलांग एप के जरिए भी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण कराने का निर्देश दिया है। 30 अप्रैल तक शिक्षक कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए नए सत्र में बच्चों के प्रवेश से लेकर कक्षा पांच व कक्षा 8 में प्रोन्नत होकर कक्षा 6 व 9 में जाने वाले छात्रों ट्रांसफर सर्टिफिकेट इशू करने का कार्य करते रहेंगे।