आएसआई एजेंट राशिद ने काशी विश्वनाथ, बीएचयू समेत कई जगहों के भेजे थे फोटो, एनआईए ने 16 घंटे तक जुटाए साक्ष्य
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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार राशिद अहमद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम वाराणसी और चंदौली में दर्जन भर स्थानों पर लेकर गई। 15 सदस्यीय एनआईए की टीम लगभग 16 घंटे के दौरे में उस हर स्थान की राशिद से तस्दीक कराई, जहां की फोटो और वीडियो वह आईएसआई एजेंट को भेजा था।
इस दौरान एनआईए ने राशिद के पिता, मां, नाना और उसके दोस्तों सहित उसे जानने वाले अन्य लोगों का बयान दर्ज किया और फिर वापस लखनऊ रवाना हो गई। 19 जनवरी 2020 को चंदौली जिले के मुगलसराय थाना के चौरहट पड़ाव निवासी राशिद अहमद को यूपी एटीएस ने आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
छह अप्रैल 2020 को एनआईए की लखनऊ शाखा ने राशिद के खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। तफ्तीश के क्रम में राशिद को एनआईए ने अदालत से कस्टडी रिमांड पर लिया। रविवार सुबह राशिद को चौरहट पड़ाव ले जाकर उसकी मां व ननिहाल के लोगों से एनआईए की टीम ने घंटों पूछताछ की। साथ ही, घर का कोना-कोना खंगाल कर एक मोबाइल और कुछ कागज बरामद किए।
इसके बाद साहूपुरी स्थित सीआरपीएफ कैंप, बीएचयू कैंपस, डीरेका, संकटमोचन मंदिर, मालवीय पुल, दशाश्वमेध घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, कैंट रेलवे स्टेशन, 39 जीटीसी व वायुसेना चयन बोर्ड, औरंगाबाद और छितूपुर स्थित राशिद के पिता के घर उसे लेकर एनआईए की टीम गई। इन सभी स्थानों की फोटो और वीडियो राशिद आईएसआई एजेंट्स को भेजे थे।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, राशिद के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए उसकी गिरफ्तारी के दौरान बरामद मोबाइल और सिम से पर्याप्त साक्ष्य मिल गए थे। साक्ष्यों और तथ्यों की सिरे से तस्दीक करने के लिए एनआईए की टीम राशिद को लेकर चंदौली और वाराणसी गई थी। बताया जा रहा है कि जो साक्ष्य और तथ्य राशिद के खिलाफ मिले हैं, वह उसे कठोर सजा दिलाने के लिए पर्याप्त साबित होंगे।
आंखों से पूछती रही मां, ऐसा क्यों किया
राशिद को एनआईए जब रविवार को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चौरहट गांव स्थित उसके घर लेकर पहुंची तो मां, नाना व भाई भौचक रह गए। मां चाह कर भी बेटे का हाल नहीं पूछ सकी, लेकिन मां की निगाहें अपने बेटे राशिद से सवाल कर रही थीं कि आखिर उसने ऐसा क्यों किया? राशिद की हरकतों पर उसके नाना भी दुखी दिखाई दिए।
यह था पूरा मामला
राशिद ने गिरफ्तारी के दौरान एटीएस को बताया था कि वह वर्ष 2017 और 2018 में अपनी मौसी के घर कराची गया था। उसी दौरान मौसेरे भाई के माध्यम से आईएसआई के दो एजेंट के संपर्क में आया। पैसे और महंगे उपहारों के लालच में आकर वह आईएसआई एजेंट को मार्च 2019 से प्रदेश और देश के संवेदनशील स्थानों की फोटो और वीडियो भेजने लगा। आईएसआई एजेंट ने उसे प्रशिक्षित किया था कि प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों में जाकर चोरीछिपे कैसे फोटो खींचना है और वीडियो बनाना है।