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Varanasi: अस्पताल में 48 घंटे से अधिक समय तक न रहे बायोमेडिकल वेस्ट, एनजीटी के सदस्य ने सीएमओ से कही ये बात
Fri, 12 Jun 2026 05:11 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 12 Jun 2026 05:11 PM IST
सार
एनजीटी के सदस्य और न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद ने काशी में पर्यावरण संरक्षण के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पताल में 48 घंटे से अधिक समय तक बायोमेडिकल वेस्ट न रहे।
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Hospital
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एनजीटी से पारित आदेशों के अनुपालन और काशी में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों के संबंध में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की प्रधान न्यायपीठ, नई दिल्ली के सदस्य/न्यायाधीश डॉ. अफरोज अहमद ने समीक्षा की। बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में हुई बैठक में उन्होंने सीएमओ से कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट के आकलन और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों में 48 घंटे से अधिक समय तक बायोमेडिकल वेस्ट न रखा जाए।
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बैठक में एनजीटी सदस्य ने नदी संरक्षण, ग्रीन बेल्ट विकसित करने और आम नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सीवरेज ट्रीटमेंट, भविष्य की कार्ययोजना तथा विभिन्न अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। ई-वेस्ट के निस्तारण के लिए यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को निर्देश दिया कि यदि कोई रीसाइक्लर या खरीदार मिल जाए तो बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट के संबंध में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की सभी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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क्रिटिकल जोन में जाने से बचाने के लिए ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर दें जोर
एनजीटी सदस्य ने कहा कि भूजल स्तर को क्रिटिकल जोन में जाने से रोकने के लिए ग्राउंड वाटर रिचार्ज के बेहतर कार्य किए जाएं। नालों के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराया जाए। सीवरेज ट्रीटमेंट योजनाओं में जहां भी गैप हो, उसके लिए डीपीआर, प्रस्ताव और परियोजनाएं पहले से तैयार रखी जाएं, ताकि शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित हो सके। ग्राम पंचायतों की सरकारी भूमि पर बायोडायवर्सिटी वन विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसमें मुख्य रूप से जामुन, अर्जुन और इमली के पौधे लगाए जाएं। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े छोटे कार्यों के लिए सीएसआर फंड की भी मदद लेने पर जोर दिया गया।
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सर्किट हाउस में लगाया सिंदूर और आम का पौधा
डॉ. अफरोज अहमद ने सर्किट हाउस परिसर में सिंदूर का पौधा लगाया, जबकि जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. अफरोज अहमद ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन की सराहना की और इन्हें निरंतर जारी रखने पर बल दिया।
डीएम और नगर आयुक्त ने दी पर्यावरण संरक्षण कार्यों की जानकारी
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले में विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण, नदी संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, अपशिष्ट पृथक्करण और उनके निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। साथ ही पुराने एवं अनुपचारित कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण के संबंध में भी बताया। बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, डीएफओ स्वाति सिंह, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोहरा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डॉ. अफरोज अहमद ने सर्किट हाउस परिसर में सिंदूर का पौधा लगाया, जबकि जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. अफरोज अहमद ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन की सराहना की और इन्हें निरंतर जारी रखने पर बल दिया।
डीएम और नगर आयुक्त ने दी पर्यावरण संरक्षण कार्यों की जानकारी
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिले में विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण, नदी संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, अपशिष्ट पृथक्करण और उनके निस्तारण की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। साथ ही पुराने एवं अनुपचारित कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निस्तारण के संबंध में भी बताया। बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, डीएफओ स्वाति सिंह, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोहरा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।