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वाराणसी: ज्ञानवापी प्रकरण की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को, साल 1991 से चल रहा है प्रकरण
Wed, 14 Oct 2020 12:40 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण में प्रभारी जिला जज की अदालत ने सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड की निगरानी याचिका स्वीकार किए जाने के मुद्दे पर अवर अदालत की पत्रावली के साथ जिला जज की अदालत में लंबित अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की निगरानी याचिका 15 अक्तूबर को तलब की है। जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण यह मामला प्रभारी जिला जज अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजीव कमल पांडेय की अदालत में मंगलवार को पेश हुआ था।
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प्राचीन मूर्ति स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर से जुड़े इस प्रकरण में सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड ने यह कहते हुए निगरानी याचिका दाखिल की है कि अवर न्यायालय को ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई का अधिकार नहीं है। मियाद अधिनियम के तहत विलंब से याचिका देने पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए जिला जज ने इसे स्वीकार किया था।
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वहीं, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के वाद मित्र और वादी हरिहर नाथ त्रिपाठी के अधिवक्ता अमरनाथ शर्मा की दलील है कि दीवानी प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अवर न्यायालय के अंतरिम आदेश के खिलाफ निगरानी याचिका नहीं दाखिल की जा सकती है।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला।
उधर, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से भी अवर न्यायालय के सुनवाई के अधिकार के खिलाफ निगरानी याचिका दाखिल कर सुनवाई का अधिकार लखनऊ स्थित सेंट्रल वक्फ बोर्ड को होने की बात कही गई है।
प्रभारी जिला जज की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अवर न्यायालय की पत्रावली और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की निगरानी याचिका तलब की है। साथ ही 15 अक्तूबर को सुनवाई की अगली तिथि नियत की है।
प्रभारी जिला जज की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अवर न्यायालय की पत्रावली और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की निगरानी याचिका तलब की है। साथ ही 15 अक्तूबर को सुनवाई की अगली तिथि नियत की है।