फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   News 16 oxygen plants installed during Covid in varanasi no technician to operate possibility of crisis

News: कोविड में लगे थे 16 ऑक्सीजन प्लांट, अब संचालन के लिए टेक्नीशियन तक नहीं; केस बढ़ने पर संकट की संभावना

Sun, 25 May 2025 01:54 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 25 May 2025 01:54 PM IST
सार

वाराणसी का स्वास्थ्य महकमा कोरोना को लेकर अलर्ट हो गया है। छोटे-बड़े स्तर पर बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। इस बीच ऑक्सीजन प्लांट की बात करें तो यहां स्थायी टेक्नीशियन नहीं होने से परेशानी बढ़ सकती है।

विज्ञापन
News 16 oxygen plants installed during Covid in varanasi no technician to operate possibility of crisis
बीएचयू के एंफीथिएटर में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Covid Alert in Varanasi: देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखने से सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने को कहा है। विभाग की ओर से भी सभी तरह की तैयारियां पुख्ता होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में हकीकत कुछ और मिली। 16 ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन इन्हें चलाने वाले स्थायी टेक्नीशियन नहीं हैं।

विज्ञापन


यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे ही काम चल रहा है। इस स्थिति में जिले में केस बढ़ने पर संकट बढ़ सकता है। कोरोना संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल कम होने जैसी समस्या रहती है। 
विज्ञापन


संक्रमित को ऑक्सीजन की सुविधा मिले, इसके लिए कोरोना काल में सीएसआर फंड से बीएचयू अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर के साथ ही मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर, जिला अस्पताल और जिले की सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए थे। पाइप लाइन से बेड तक ऑक्सीजन पहुंच गया है, लेकिन इसके नियमित संचालन की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ आंकड़ें

सीएचसी मिसिरपुर - ऑक्सीजन प्लांट को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ओर से चलाया जाता है। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. आर बी सिंह ने बताया कि यहां कोई टेक्नीशियन नहीं है।

सीएचसी नरपतपुर - तीन साल पहले लगे ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए स्थायी टेक्नीशियन नहीं मिल सका। एक अन्य कर्मचारी से काम चलाया जा रहा है।

शास्त्री अस्पताल रामनगर - अस्पताल परिसर में दो ऑक्सीजन प्लांट लगे थे। इसमें से एक खराब हो गया है। 

सीएचसी आराजीलाइन - यहां का ऑक्सीजन प्लांट सिर्फ शोपीस बना हुआ है। जब से लगा तब से चला ही नहीं। 

सीएचसी गंगापुर - ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। दो महीने पहले जांच करवाई गई थी। कोई स्थायी कर्मचारी नहीं है। 

कोविड के दाैरान बने थे 750 वेंटिलेटर वाले बेड
2022 में कोरोना वायरस की लहर के दौरान जिले में खास तैयारियां की गईं थीं। बीएचयू, जिला अस्पताल, मंडलीय, शास्त्री अस्पताल रामनगर और 50 से अधिक निजी अस्पतालों को मिलाकर कोरोना के मरीजों के लिए करीब 3500 बेड रिजर्व कराए गए थे। इसमें 750 बेड आईसीयू और वेंटिलेटर वाले थे।

काशी में रोज आते हैं करीब 2 लाख लोग
वाराणसी की आबादी इस समय करीब 42 लाख है। जबकि जिला प्रशासन के अनुसार बसों, ट्रेनों, फ्लाइट और निजी साधनों से रोज करीब 2 लाख लोग आते हैं। कोविड के समय जिले की सीमाएं सील थीं। 

एयरपोर्ट से लेकर स्टेशन तक स्क्रीनिंग की तैयारी
कोरोना के केस देश में बढ़ने के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर है। सीएमओ डाॅ. संदीप चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सभी संसाधन हैं। जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, शास्त्री अस्पताल से लेकर बीएचयू तक जरूरत पड़ने पर अलग वार्ड बनाया जाएगा। 

शासन के निर्देश पर एयरपोर्ट से लेकर स्टेशन तक स्क्रीनिंग करने संबंधी तैयारी भी पूरी है। जहां तक ऑक्सीजन प्लांट के चलाए जाने के लिए टेक्नीशियन की तैनाती की बात है तो स्वास्थ्य केंद्रों पर इसके लिए कर्मचारी को प्रशिक्षण दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed