{"_id":"6a9679024e680ec26009b83a","slug":"newborn-dumped-in-field-life-saved-thanks-to-police-promptness-in-varanasi-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत के मुहाने से लौटा मासूम: लोकलाज के डर से खेत में फेंका गया नवजात, पुलिस की तत्परता से बची जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत के मुहाने से लौटा मासूम: लोकलाज के डर से खेत में फेंका गया नवजात, पुलिस की तत्परता से बची जान
Tue, 01 Sep 2026 12:34 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:34 PM IST
सार
वाराणसी में मंगलवार को एक नवजात को किसी ने लोकलाज के डर से खेत में फेंक दिया। इसकी जानकारी पुलिसवालों को मिली तो मौके पर पहुंचकर तत्काल नवजात को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई।
विज्ञापन
नवजात को अस्पताल में कराया गया भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार को इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। जन्म के कुछ ही समय बाद एक नवजात को किसी ने लोकलाज के भय से खेत में फेंक दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी जान बच गई। स्थानीय लोगों से नवजात के खेत में पड़े होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजू सिंह पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने बिना देर किए नवजात को अपने संरक्षण में लिया और उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया, जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ। अब नवजात स्वस्थ बताया जा रहा है।
विज्ञापन
पुलिस नवजात को खेत में छोड़ने वाले की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मासूम को वहां कौन और क्यों छोड़कर गया था।
विज्ञापन
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नवजात को खेत में छोड़ने वाले के प्रति आक्रोश है। वहीं, थाना प्रभारी की तत्परता और संवेदनशीलता की लोग सराहना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो ठंड में नवजात की जान जा सकती थी। जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय… इस घटना में यह कहावत सच साबित हुई। एक ओर किसी ने नवजात को मरने के लिए छोड़ दिया, वहीं पुलिस की तत्परता उसके लिए जीवनदान बन गई।