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Varanasi: BHU में नए सत्र से लागू होगी नई शिक्षा नीति, 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पर हुई ये चर्चा

Wed, 20 Mar 2024 10:02 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 20 Mar 2024 10:02 PM IST
सार

Varanasi News: 

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New education policy implemented in BHU from new session
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर हुई बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू में नए सत्र (2024-25) से राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आधारित पढ़ाई होगी। साथ ही नए सत्र से चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को भी लागू कर दिया गया है। बुधवार को विश्वविद्यालय में विद्वत परिषद की बैठक में एनईपी (न्यू एजुकेशन पॉलिसी) 2020 के क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई।

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कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में इस बात का निर्णय हुआ कि ऑनर्स एवं शोध में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लागू किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों को स्नातक ऑनर्स तथा स्नातक ऑनर्स विद रीसर्च नाम दिया गया है। विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने वाले कुल विद्यार्थियों में ऐसे दस प्रतिशत विद्यार्थी मेरिट के आधार पर स्नातक ऑनर्स विद रीसर्च में प्रवेश पा सकेंगे, जिनका सीजीपीए 7.5 या इससे अधिक होगा।
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प्रस्तावित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को माइनर कोर्स के अनेक विकल्पों में चुनाव की स्वतंत्रता देगा। बैठक में सत्र 2024-25 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सूचना विवरणिका को मंजूरी दे दी गई। साथ ही आगामी सत्र के लिए विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों की फीस के युक्तीकरण को भी मंजूरी मिली। बैठक में सदस्यों ने यह बताया कि विभिन्न विभागों व संकायों में चल रहे पाठ्यक्रमों की फीस में भिन्नताएं हैं। इस पर बताया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा फीस में एकरूपता लाने तथा जटिलताओं को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। इस दौरान कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह, प्रो. मुकुल राज मेहता मौजूद रहे।

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स्नातक विद्यार्थियों को करनी होगी इंटर्नशिप

विद्वत परिषद की बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी स्नातक विद्यार्थियों को मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सेस, कौशल विकास, क्षमता विकास, वैल्यू ऐडेड कोर्स के साथ-साथ इंटर्नशिप भी करनी होगी। साथ ही स्नातक ऑनर्स विद रीसर्च के विद्यार्थियों को अंतिम सेमेस्टर में डिजर्टेशन भी प्रस्तुत करना होगा।

इसके साथ ही विधि संकाय में चल रहा पांच वर्षीय बीएएलएलबी पाठ्यक्रम अपने मौजूदा स्वरूप में ही चलता रहेगा। इसी प्रकार दक्षिणी परिसर में चल रहे कौशल विकास के पाठ्यक्रम तथा विशिष्ट नियामक इकाईयों द्वारा नियंत्रित कोर्स भी अपरिवर्तित रहेंगे।

70 प्रतिशत से कम उपस्थिति वालों को नहीं मिलेगा हॉस्टल
बैठक में उस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली, जिसमें कक्षाओं में कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को ही छात्रावास देने का प्रावधान है। विभागवार इसके लिए उपस्थिति सूची भी नए सिरे से तैयार करवाई जाएगी, जिससे कि इसका अनुपालन हो सके। विभागों को कहा गया है कि वे अपने यहां चल रहे पाठ्यक्रमों की समीक्षा करें और प्रस्तावित सुधारों को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी तैयारी कर लें।
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