फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   New education policy Glimpses of Gurukul system will be seen in the schools of basic education council

नई शिक्षा नीतिः परिषदीय विद्यालयों में दिखाई देगी गुरुकुल पद्धति की झलक, अलग ही होगा नजारा

Mon, 14 Jun 2021 11:46 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 14 Jun 2021 11:46 AM IST
सार

नई शिक्षा नीति के तहत शुरू होने वाली गुरुकुल पद्धति वर्तमान शैक्षिक सत्र में  छठवीं से आठवीं तक के कक्षाओं में अनिवार्य रूप से शुरू किया जाएगा। इसमें परिषदीय विद्यालयों में हर विद्यार्थी को रोजाना 15 से 20 मिनट खुद साफ-सफाई करनी होगी। 

विज्ञापन
New education policy  Glimpses of Gurukul system will be seen in the schools of basic education council
परिषदीय विद्यालयों में दिखाई देगी गुरुकुल पद्धति की झलक - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब गुरुकुल पद्धति की झलक दिखाई देगी। नई शिक्षा नीति के तहत सदियों पुरानी शिक्षा पद्धति को एक बार फिर से परिषदीय विद्यालयों में शुरू करने की कवायद शुरू होने जा रही है। इसके तहत छात्र छात्राओं को मौलिक अधिकार, नागरिकता कौशल, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन और अपशिष्ट प्रबंधन आदि विषयों पर जागरूक करने का प्रावधान है।

विज्ञापन


गुरुकुल शिक्षा पद्धति के तहत विद्यार्थियों को अपने विद्यालय, कक्षाओं की साफ सफाई का कमान भी संभालने की जिम्मेदारी दी जाएगी। ताकि बच्चों का विद्यालय और वहां के संसाधनों से उनका लगाव बढ़े और वह सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सामूहिकता व परोपकार की भावना भी सीख सकें। वाराणसी जिले में 1144 विद्यालय है, जिसमें दो लाख छात्र पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन


यह है तैयारी
नई शिक्षा नीति के तहत शुरू होने वाली गुरुकुल पद्धति वर्तमान शैक्षिक सत्र में  छठवीं से आठवीं तक के कक्षाओं में अनिवार्य रूप से शुरू किया जाएगा। इसमें परिषदीय विद्यालयों में हर विद्यार्थी को रोजाना 15 से 20 मिनट खुद साफ-सफाई करनी होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को उनके मौलिक अधिकार, स्वच्छता, संस्कार, नैतिक शिक्षा आदि के बारे में परिपक्व बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसको देखते हुए सदियों पुरानी गुरुकुल पद्धति के अनुसार इस व्यवस्था को लाने की तैयारी शासन स्तर से की जा रही है। विद्यार्थियों के साथ शिक्षक भी इसमें पूरी सहभागिता निभाएंगे। वे विद्यार्थियों को सिर्फ साफ-सफाई का अभ्यास ही नहीं कराएंगे, बल्कि उनका नेतृत्व कर उन्हें प्रेरित और जरूरत पर मार्गदर्शन कर खुद भी सफाई करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed