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UGC केयर लिस्ट में प्रकाशित हुई नई डाइट चार्ट: 300 लोगों पर शोध के बाद बताया निरोग रहने का तरीका, आप भी अपनाएं
Tue, 31 Jan 2023 02:50 PM IST
किरन रौतेला
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 31 Jan 2023 02:50 PM IST
सार
आहार का जो नया क्रम तैयार किया गया, उसके मुताबिक, पहले मीठा खाएं, फिर भोजन करें और अंत में सूप पीएं। आधुनिक जीवन शैली के अनुसार लोग सूप से भोजन की शुरुआत करते हैं। इससे भूख बढ़ती है और लोग ज्यादा भोजन कर लेते हैं। जरूरत से ज्यादा भोजन के कारण ही मोटापा, शुगर, थायरॉइड व ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ी है।
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UGC केयर लिस्ट में प्रकाशित हुई नई डाइट चार्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डायबिटीज, मोटापा, थायरॉइड और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को अपने आहार क्रम (डाइट चार्ट) में बदलाव कर नियंत्रित किया जा सकता है। बीएचयू के शारीर क्रिया विभाग के शोध छात्रों ने वर्ष भर के अध्ययन के बाद नया आहार क्रम बनाया है। इसे आहार महाऔषधि नाम दिया है। शोध के मुताबिक, भोजन की शुरुआत मीठे से करनी चाहिए। सबसे अंत में सूप पीना चाहिए। यूजीसी ने इसे अपने शोध पत्र केयर लिस्ट की वैदिक वाग ज्योति में भी प्रकाशित किया है।
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आहार का जो नया क्रम तैयार किया गया, उसके मुताबिक, पहले मीठा खाएं, फिर भोजन करें और अंत में सूप पीएं। आधुनिक जीवन शैली के अनुसार लोग सूप से भोजन की शुरुआत करते हैं। इससे भूख बढ़ती है और लोग ज्यादा भोजन कर लेते हैं। जरूरत से ज्यादा भोजन के कारण ही मोटापा, शुगर, थायरॉइड व ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ी है। चरक सूत्र में भी कहा गया है कि आहार संभवम् वस्तु रोगाश्चाहार: संभव... अर्थात आहार के जरिये रोगों का उपचार भी संभव है। आहार महाऔषधि के जरिये वात, कफ और पित्त का संतुलन शरीर में बना रहेगा। अगर भोजन के इस क्रम को अपनाया गया तो शरीर को निरोग रखा जा सकता है। इस आहार क्रम को विभाग के सहायक आचार्य वैद्य सुशील दुबे की देखरेख में आयुर्वेदीय भोजन विधि आहार-महाऔषधि के शोध छात्र अमित कुमार और सुधा यादव की टीम ने तैयार किया है। शोध टीम का कहना है कि वर्तमान में खाने का बिगड़ा हुआ क्रम ही बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है।
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आचार्य वैद्य सुशील दुबे, शोध छात्र अमित कुमार और सुधा यादव
- फोटो : अमर उजाला
अध्ययन से मिले बेहतर परिणाम
शोध छात्रों ने एक वर्ष तक 300 लोगों पर अध्ययन किया। आहार महाऔषधि के अनुसार ही भोजन का क्रम बनाया गया। लोगों ने भोजन का सेवन किया और बीमारियों को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। सकारात्मक परिणाम के आधार पर ही यह आहार क्रम तैयार किया गया है।
ये भी जानें
- भोजन करने से पहले सेंधा नमक के साथ अदरक खाना फायदेमंद।
- भोजन से पहले मीठा खाएं, फिर अम्ल व लवण रस वाला भोजन करना चाहिए।
- सब्जियों का सेवन भी फायदेमंद।
रखें ध्यान
- सुबह उठने के बाद जल, दोपहर में भोजन के बाद छाछ और रात्रि में भोजन के बाद दूध का सेवन करने से शरीर में किसी तरह का दोष या रोग नहीं होता है।
अपच हो तो इसका करें सेवन
दूध न पचे तो सौंफ, दही न पचे तो सोंठ, छाछ न पचे तो जीरा व काली मिर्च, अरबी व मूली न पचे तो अजवायन, कढ़ी न पचे तो कढ़ी पत्ता, तेल-घी न पचे तो कलौंजी, पनीर न पचे तो भुना जीरा, भोजन न पचे तो गर्म जल, केला ना पचे तो इलायची, खरबूजा न पचे तो मिश्री का उपयोग करें।
शोध छात्रों ने एक वर्ष तक 300 लोगों पर अध्ययन किया। आहार महाऔषधि के अनुसार ही भोजन का क्रम बनाया गया। लोगों ने भोजन का सेवन किया और बीमारियों को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। सकारात्मक परिणाम के आधार पर ही यह आहार क्रम तैयार किया गया है।
ये भी जानें
- भोजन करने से पहले सेंधा नमक के साथ अदरक खाना फायदेमंद।
- भोजन से पहले मीठा खाएं, फिर अम्ल व लवण रस वाला भोजन करना चाहिए।
- सब्जियों का सेवन भी फायदेमंद।
रखें ध्यान
- सुबह उठने के बाद जल, दोपहर में भोजन के बाद छाछ और रात्रि में भोजन के बाद दूध का सेवन करने से शरीर में किसी तरह का दोष या रोग नहीं होता है।
अपच हो तो इसका करें सेवन
दूध न पचे तो सौंफ, दही न पचे तो सोंठ, छाछ न पचे तो जीरा व काली मिर्च, अरबी व मूली न पचे तो अजवायन, कढ़ी न पचे तो कढ़ी पत्ता, तेल-घी न पचे तो कलौंजी, पनीर न पचे तो भुना जीरा, भोजन न पचे तो गर्म जल, केला ना पचे तो इलायची, खरबूजा न पचे तो मिश्री का उपयोग करें।