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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   NEP Doors closed very candidates used fill 70percentage seats in 55 courses remained vacant key details

NEP: 55 कोर्स में उन्हीं के लिए दरवाजे बंद जिनसे भरती थीं 70% सीटें, 50-60% सीटें खालीं जा रहीं; जानें खास

Mon, 08 Jun 2026 10:21 AM IST
Aman Vishwakarma हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 08 Jun 2026 10:21 AM IST
सार

बीएचयू में 55 पाठ्यक्रमों में प्रवेश व्यवस्था में बदलाव के बाद उन छात्रों के लिए अवसर सीमित हो गए हैं, जिनसे पहले करीब 70 प्रतिशत सीटें भरती थीं। इसका असर यह हुआ कि कई कोर्सों में 50 से 60 प्रतिशत सीटें खाली रह जा रही हैं। सीटें भरने के लिए अब छात्रों को एक साथ पांच-पांच पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जा रहा है।

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NEP Doors closed very candidates used fill 70percentage seats in 55 courses remained vacant key details
बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: बीएचयू के 55 डिप्लोमा कोर्स में उन्हीं की एंट्री बंद कर हैं, जिनसे हर बार करीब 70% सीटें भरती थीं। दो साल पहले नया नियम लागू हुआ और करीब 60 फीसदी सीटें खाली रह गईं। कई कोर्स में एक भी दाखिला नहीं हो पाया। 

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वहीं, बीएचयू में नई शिक्षा नीति (एनईपी) पूरी तरह से लागू होने के बाद इनकी अधिकतम 2015 सीटों के भरने पर फिर संशय उठने लगा है। जबकि इसके लिए रिव्यू कमेटी बनी तो उसने भी माना कि नियम बदलने से पहले विश्वविद्यालय स्तर पर 70 फीसदी, कला संकाय में 80 फीसदी और विधि संकाय में 90 फीसदी विद्यार्थी बीएचयू के बाहर से ही होते थे। 
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पांच से ज्यादा कोर्स ऐसे थे कि जिनमें एक भी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया था। ऐसे में फिर भी बदले नियम से ही स्पेशल कोर्स 2025-26 की नई बुलेटिन जारी कर दी गई। बीएचयू में अब एनईपी के तहत एक-एक छात्र पांच-पांच कोर्स पढ़ रहा है। हर सेमेस्टर में एक मेजर, माइनर और साथ में स्किल डेवलपमेंट, वैल्यू एडिशन और एबिलिटी एनहांसमेंट के तीन शॉर्ट टर्म कोर्स भी हैं। 

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इस विकल्प के बाद 20-25 हजार रुपये खर्च करके कितने छात्र स्पेशल और डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेंगे ये बड़ा सवाल है। हालांकि, बीएचयू में 2025-26 सत्र से प्रवेश शुरू किया गया है। 17 जून तक आवेदन करने की समय सीमा है। कम से कम 713 और ज्यादा से ज्यादा 2015 सीटों पर दाखिला लिया जा सकता है।

112 प्रतिबंधित छात्रों में सिर्फ एक ही डिप्लोमाधारी: प्रवेश रोकने के लिए ऐसा कहा गया था कि डिप्लोमा के विद्यार्थी कैंपस में अव्यवस्था फैलाते हैं और मारपीट करते हैं। जबकि कमेटी के अनुसार बीएचयू के प्रतिबंधित 112 पूर्व छात्रों की सूची में सिर्फ एक ही डिप्लोमा कोर्स का था बाकी सभी मुख्य कोर्स में अध्ययनरत थे। डिप्लोमाधारियों को कहा गया कि ये बीएचयू अस्पताल के लिए पास बुक और लाइब्रेरी कार्ड का बेजा इस्तेमाल करते हैं हालांकि ये सुविधा उससे पहले ही बंद कर दी गई थी।

विद्यार्थियों के पास था बीएचयू से जुड़ने का मौका
पूर्व कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन के कार्यकाल में डिप्लोमा कोर्स में बाहरियों का प्रवेश बंद करने का फैसला लिया गया था। जबकि ज्यादातर बनारस और आसपास के विद्यार्थियों को बीएचयू के शिक्षकों से कुछ दिन पढ़ने का मौका मिल जाता था। बहरहाल, पिछले सत्र में जब सीटें नहीं भर पाईं तो बीएचयू और नॉन बीएचयू का मुद्दा जोरशोर से उठा तो एक स्पेशल कोर्स रिव्यू कमेटी बनी। इसने समीक्षा कर करीब दो महीने पहले रिपोर्ट भी सौंपी है, जिसमें कहा गया था कि इन कोर्स की 70 फीसदी सीटों पर दाखिले बीएचयू के बाहर वालों ने लिया।

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