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जलवायु परिवर्तन पर अंतर्विषयक शोध को बढ़ावा देने की जरूरत
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बीएचयू पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान में आयोजित व्याख्यान में जलवायु परिवर्तन और इस क्षेत्र की वर्तमान और भविष्य से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि डिपार्टमेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) में वरिष्ठ सलाहकार अखिलेश गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक अहम विषय है। इसमें अंतर्विषयक शोध कार्य को बढ़ावा देने की जरूरत है।
महामना जलवायु परिवर्तन उत्कृष्ट शोध केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार ने अखिलेश ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए सबसे बड़ी ताकत वहां के छात्र होते हैं। जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में नए-नए शोध कार्य हो सके, इसके लिए डीएसटी की ओर से कई संस्थानों में सेंटर आफ एक्सीलेंस खोले जाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके माध्यम से क्लाइमेट वार्निंग, एयरोसेल स्टडीज, अर्बन क्लाइमेट नेटवर्क आदि विषयों पर कार्य कराया जाएगा। इस दौरान प्रो. आरके मल्ल, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. ऐडी सिंह, डॉ. राजीव प्रताप सिंह, प्रो. कविता शाह, प्रो. राजीव बाटला, प्रो. मनोज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
संवाद में दी योजनाओं की जानकारी
डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार अखिलेश गुप्ता ने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद छात्रों से संवाद कर जलवायु परिवर्तन पर सरकार की नीतियों, नई योजनाओं और नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से इस दिशा में शोध के लिए जरूरी सुझाव भी मांगे, ताकि आने वाले दिनों में और बेहतर कार्य कराया जा सके।
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महामना जलवायु परिवर्तन उत्कृष्ट शोध केंद्र की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार ने अखिलेश ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए सबसे बड़ी ताकत वहां के छात्र होते हैं। जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में नए-नए शोध कार्य हो सके, इसके लिए डीएसटी की ओर से कई संस्थानों में सेंटर आफ एक्सीलेंस खोले जाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके माध्यम से क्लाइमेट वार्निंग, एयरोसेल स्टडीज, अर्बन क्लाइमेट नेटवर्क आदि विषयों पर कार्य कराया जाएगा। इस दौरान प्रो. आरके मल्ल, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. ऐडी सिंह, डॉ. राजीव प्रताप सिंह, प्रो. कविता शाह, प्रो. राजीव बाटला, प्रो. मनोज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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संवाद में दी योजनाओं की जानकारी
डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार अखिलेश गुप्ता ने इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद छात्रों से संवाद कर जलवायु परिवर्तन पर सरकार की नीतियों, नई योजनाओं और नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से इस दिशा में शोध के लिए जरूरी सुझाव भी मांगे, ताकि आने वाले दिनों में और बेहतर कार्य कराया जा सके।
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