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प्राकृतिक आपदा से निपटने में एनडीआरएफ सक्षम
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वाराणसी। जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रहीं प्राकृतिक आपदाओं के कारण एनडीआरएफ के सामने कई चुनौतियां हैं। इनसे निपटने में एनडीआरएफ के जवान सक्षम और तैयार हैं। नई दिल्ली से आए एनडीआरएफ के महानिदेशक सत्यनारायण प्रधान ने बुधवार सुबह दशाश्वमेध घाट पर यह बातें पत्रकारों से कहीं।
मकबूल आलम रोड स्थित 11 एनडीआरएफ के हेडक्वार्टर का निरीक्षण कर जवानों से रूबरू होने के बाद महानिदेशक ने पौधरोपण किया। इसके बाद दशाश्वमेध घाट पर तैनात टीम के साथ गंगा घाटों का अवलोकन किया। महानिदेशक ने कहा कि 2016 और इस वर्ष आई बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर एनडीआरएफ के जवानों ने काशीवासियों की हरसंभव सहायता की। काशी और क्योटो करार के तहत जिले को आपदा मुक्त स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एनडीआरएफ का प्रयास जारी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई वाटर एंबुलेंस की मदद से एनडीआरएफ की टीम इमरजेंसी के दौरान लोगों को चिकित्सक ीय सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2015 से अब तक एनडीआरएफ ने काशी में 86 लोगों का जीवन बचाया। बाढ़ आपदा में 6,311 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और 53 शव बाहर निकाले। साथ ही, जन जागरूकता अभियान, स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम और क्षमता निर्माण प्रोग्राम के तहत वाराणसी में अब तक 24,310 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।
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मकबूल आलम रोड स्थित 11 एनडीआरएफ के हेडक्वार्टर का निरीक्षण कर जवानों से रूबरू होने के बाद महानिदेशक ने पौधरोपण किया। इसके बाद दशाश्वमेध घाट पर तैनात टीम के साथ गंगा घाटों का अवलोकन किया। महानिदेशक ने कहा कि 2016 और इस वर्ष आई बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर एनडीआरएफ के जवानों ने काशीवासियों की हरसंभव सहायता की। काशी और क्योटो करार के तहत जिले को आपदा मुक्त स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एनडीआरएफ का प्रयास जारी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई वाटर एंबुलेंस की मदद से एनडीआरएफ की टीम इमरजेंसी के दौरान लोगों को चिकित्सक ीय सुविधा उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2015 से अब तक एनडीआरएफ ने काशी में 86 लोगों का जीवन बचाया। बाढ़ आपदा में 6,311 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और 53 शव बाहर निकाले। साथ ही, जन जागरूकता अभियान, स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम और क्षमता निर्माण प्रोग्राम के तहत वाराणसी में अब तक 24,310 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।
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