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BHU बवाल की जांचः राष्ट्रीय महिला आयोग ने कुलपति का प्रस्ताव ठुकराया
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 10:57 AM IST
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गिरीश चंद्र त्रिपाठी
- फोटो : FILE PHOTO
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बीएचयू में छात्रा के साथ छेड़खानी और बाद में छात्राओं पर लाठीचार्ज के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दोबारा बनारस आकर बातचीत करने के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
आयोग अध्यक्ष ने इसका कारण पूर्व में दौरे के दौरान फोन न उठाने, मेसेज का जवाब न देने और बुलावे पर न आना बताया। अब आयोग इसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय और मानव संसाधन मंत्रालय को सौंप देगा।
अध्यक्ष के नेतृत्व में चार से छह अक्तूबर तक बनारस दौरे पर आई आयोग की टीम ने पांच अक्तूबर को बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में छात्राओं के साथ ही हॉस्टल वार्डन, चीफ प्रॉक्टर और कुलसचिव का बयान दर्ज किया था।
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छह अक्तूबर को सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेस कर अध्यक्ष ने वीसी को कई बार फोन और मेसेज करने की जानकारी दी थी। कहा था कि वीसी ने न तो उनका फोन उठाया, न ही मेसेज का जवाब दिया। टीम के दिल्ली लौटने पर प्रो. त्रिपाठी ने अध्यक्ष से बात की थी।
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आयोग अध्यक्ष ने इसका कारण पूर्व में दौरे के दौरान फोन न उठाने, मेसेज का जवाब न देने और बुलावे पर न आना बताया। अब आयोग इसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय और मानव संसाधन मंत्रालय को सौंप देगा।
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अध्यक्ष के नेतृत्व में चार से छह अक्तूबर तक बनारस दौरे पर आई आयोग की टीम ने पांच अक्तूबर को बीएचयू के एलडी गेस्ट हाउस में छात्राओं के साथ ही हॉस्टल वार्डन, चीफ प्रॉक्टर और कुलसचिव का बयान दर्ज किया था।
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छह अक्तूबर को सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेस कर अध्यक्ष ने वीसी को कई बार फोन और मेसेज करने की जानकारी दी थी। कहा था कि वीसी ने न तो उनका फोन उठाया, न ही मेसेज का जवाब दिया। टीम के दिल्ली लौटने पर प्रो. त्रिपाठी ने अध्यक्ष से बात की थी।
कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर ने आयोग में रखा विश्वविद्यालय का पक्ष
इस बीच बुधवार को कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह आयोग में पहुंचे और बिंदुवार विश्वविद्यालय का पक्ष रखा। अध्यक्ष ने बताया कि इस दौरान अधिकारियों ने कोई नया तथ्य नहीं रखा।
बवाल के बाद दो अक्तूबर से अवकाश पर चल रहे कुलपति प्रो. त्रिपाठी 10 दिन बाद भी परिसर नहीं आए हैं। उनकी छुट्टी कब तक है, कब आएंगे, इस बारे में अधिकारियों को नहीं पता है। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी उनका कामकाज देख रहे हैं।