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Varanasi News: झारखंड में मुठभेड़ में घायल होकर भागा नक्सली पुलिस की निगरानी में, छिपकर पहुंचा था अस्पताल
Thu, 22 May 2025 12:17 AM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Thu, 22 May 2025 12:17 AM IST
सार
मुठभेड़ में घायल नक्सली छिपकर नरिया स्थित अस्पताल मं उपचार करवा रहा था। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने इस पर शिकंजा कसा और अपनी निगरानी में ले लिया। इसके साथ ही गोली लगने के उपचार की सूचना न देने वाले हॉस्पिटल के खिलाफ लंका थानाध्यक्ष ने सीएमओ को पत्र भेजा है।
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छिपकर इलाज करा रहा नक्सली, पुलिस मौजूद
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
झारखंड में पुलिस मुठभेड़ में घायल एक नक्सली छिपकर नरिया के साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल में उपचार करवा रहा था। नक्सली की निगरानी के लिए लंका थाने की पुलिस लगाई है। झारखंड की पुलिस भी हॉस्पिटल पहुंच गई है। वहीं, गोली लगने से घायल नक्सली के उपचार के संबंध में लंका थाने की पुलिस को सूचना न देने के आरोप में साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को पुलिस की ओर से पत्र भेजा गया है।
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डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बुधवार को बताया कि 17 मई को झारखंड के पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के बंसकटिया जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में टीएसपीसी का सब जोनल कमांडर मिथिलेश कुमार यादव उर्फ अखिलेश उर्फ बुट्टन उर्फ गौतमजी यादव गोली लगने से घायल हो गया था। मिथिलेश झारखंड के बरडीहा थाने के सलगा का रहने वाला है।
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घायल मिथिलेश भतीजे आकाश यादव की मदद से कार से मंगलवार को साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल आकर भर्ती हुआ। सूचना पाकर लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र हॉस्पिटल गए। साईं मेडिसिटी हाॅस्पिटल के डाॅ. विवेकानंद राय से संपर्क करने पर पता लगा कि मिथिलेश को लगी गोली पेट के रास्ते होते हुए पीठ की तरफ निकल गई थी।
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पेट में काफी मात्रा में रक्त जमा था। उसका ऑपरेशन डाॅक्टरों ने किया। फिलहाल आईसीयू में भर्ती है। डीसीपी काशी जोन ने कहा कि डाॅ. विवेकानंद राय ने नक्सली को गोली लगने के बावजूद लंका थाने की पुलिस को सूचना नहीं दी। यह लापरवाही है। इस संबंध में साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।
नाम बदल कर करा रहा था इलाज
झारखंड पुलिस के अनुसार, नक्सली का सही नाम अखिलेश यादव उर्फ गौतम यादव है। मगर, वह बनारस के निजी अस्पताल में नाम बदलकर भर्ती हुआ था। इसकी सूचना मिली तो पलामू की पुलिस की टीम बनारस आई। नक्सली का पुलिस अभिरक्षा में इलाज कराया जा रहा है। इलाज में सुधार होने पर उसको पलामू लाया जाएगा।