Navratri: बनारस में स्वयं स्थापित चमत्कारी मां दुर्गा... अमिताभ बच्चन बोले- इनका दर्शन आपको अनेक वरदान देगा
बॉलीवुड के महानायक और सबके दिलों पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर अक्सर अपने अनुभव साझा करते रहते हैं। नवरात्र के पंचमी तिथि पर उन्होंने सोशल मीडिया पर वाराणसी के एक मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की तस्वीर को साझा किया।
विस्तार
भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी विश्व की तीन लोक से न्यारी काशी में केवल बाबा भोलेनाथ का ही मंदिर नहीं है बल्कि यहां मां दुर्गा का दिव्य और पुरातन मंदिर भी है। एक ऐसे ही मंदिर में स्थापित मां दुर्गा को सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन ने प्रणाम किया है।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बीती रात मां दुर्गा की प्रतिमा की तस्वीर पोस्ट की। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह है बनारस में स्वयं स्थापित चमत्कारी दुर्गा जी...नवरात्रि में इनका दर्शन आपको अनेक वरदान देगा। इसके बाद उनके पोस्ट पर कमेंट करने वालों की बाढ़ सी आ गई। कोई मंदिर का पता पूछ रहा था तो कोई उसके बारे में जानकारी मांग रहा था।
T 4804 - यह है बनारस में स्वयं स्थापित चमत्कारी दुर्गा जी... नवरात्रि में इनका दर्शन आपको अनेक वरदान देगा🙏🏻🙏🏻 pic.twitter.com/bbSIjXWo4N
T 4804 - यह है बनारस में स्वयं स्थापित चमत्कारी दुर्गा जी... नवरात्रि में इनका दर्शन आपको अनेक वरदान देगा🙏🏻🙏🏻 pic.twitter.com/bbSIjXWo4N
— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) October 19, 2023
प्रतिमा के बारे में जब पड़ताल की गई तो पता चला कि यह प्रतिमा ब्रह्मचारिणी मंदिर के सामने अग्रवाल परिवार के भवन में 70 साल पहले स्थापित हुई थी। मंगला गौरी मंदिर के महंत नरेंद्र पांडेय ने बताया कि नन्हकू माडीवाले ने दीवार में मूर्ति बनवाई है। वर्तमान में उनका पौत्र राजेश अग्रवाल व परिवार इसकी पूजा अर्चना व देखभाल करते हैं। उनके इस सोशल मीडिया पोस्ट को दोपहर तक करीब लाखों लोगों ने देखा और पसंद किया। इससे पहले भी अमिताभ बच्चन ने महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ को याद करते उनकी तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
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काशी का कण-कण शक्ति की आराधना में लीन
शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही शिव काशी का कण-कण शक्ति की आराधना में लीन हो गया काशी में नवरात्र के दौरान नौ दुर्गा और नौ गौरी की अलग अलग मान्यता है। मगर दर्शन और पूजन का मान दोनों ही प्रकार की देवियों का है। यहां शारदीय नवरात्र में नौ दुर्गा और चैत्र नवरात्र में नौ गौरी की पूजन की मान्यता है।
बाबा विश्वनाथ नगरी के नाम से मशहूर काशी की पावन भूमि पर कई देवी मंदिरों का भी बड़ा माहात्म्य है। इन्हीं प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है दुर्गा कुंड मंदिर। माता का यह सिद्ध मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर आदिकालीन है। वैसे तो हर समय दर्शनार्थियों का आना लगा रहता है लेकिन शारदीय नवरात्र के चौथे दिन यहां मां कूष्मांडा के दर्शन और पूजा के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।