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पाणिनि कन्या महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतिम दिन राष्ट्र प्रहरी सम्मेलन का आयोजन
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महिला शिक्षा हर परिवार, समाज, राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए न केवल महत्वपूर्ण है बल्कि आवश्यक है। इसलिए शिक्षित नारी ही समृद्ध भारत की कुंजी है। नारी राष्ट्र निर्माण एवं विकास में अपनी महती भूमिका निभाती है। इसलिए नारी जब शिक्षित होगी तभी असल मायने में राष्ट्र का निर्माण होगा। ये बातें रविवार को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के कुलपति डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी ने तुलसीपुर स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
महाविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्र प्रहरी सम्मेलन में डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि किसी भी सभ्य, विकसित और श्रेष्ठ समाज का निर्माण उस देश के शिक्षित नागरिकों द्वारा किया जाता है और नारी इस कड़ी का केवल महत्वपूर्ण आधार ही नहीं, बल्कि अनिवार्य शर्त है। सम्मेलन में हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश वीरेंद्रदत्त ज्ञानी ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए हमें राम प्रसाद बिस्मिल जैसे वीरों को तैयार करना होगा। जिन्होंने स्वयं से पहले राष्ट्र की चिंता की। लखनऊ से आए डॉ. रूपचंद्र दीपक ने कहा कि वेद पढ़ने वाला ही सच्चा प्रहरी है। इस दौरान स्वामी संपूर्णानंद ने आर्य समाज के स्थापना करने वाले दयानंद सरस्वती के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। पतंजलि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. महावीर अग्रवाल ने कहा कि हमारी संस्कृति वेदों की संस्कृति है, इस संस्कृ ति को बचाने में हमारे गुरुकुल अच्छा काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में वेदपाठी कन्याओं ने स्वागत गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वस्ती आर्या द्वारा ‘देश का हिंदू सोया.... कविता का पाठ पर खूब तालियां बजी। इसके बाद छात्राओं द्वारा अष्टाध्यायी अंताक्षरी देखकर सभी ने उनकी सराहना की। तीसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत 50 कुंडीय राष्ट्रभृत महायज्ञ से हुई। स्वर्ण जयंती समारोह का समापन आर्य वीरांगनाओं ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया।
पुस्तक का हुआ विमोचन
स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। इसमें डॉ. भवानीलाल भारतीय द्वारा महाविद्यालय की पूर्व आचार्य प्रज्ञा जी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रज्ञालोक पुस्तक का विमोचन हुआ। वहीं कन्या उपनयन विधि पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से मान्यता देने की उठी मांग
स्वर्ण जयंती समारोह पर आए विद्वान छात्राओं का शस्त्र व शास्त्र का प्रदर्शन देखकर काफी खुश थे। ऐसे में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने पाणिनि कन्या को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से मान्यता देने की मांग उठाई। जिसे कुलपति डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
बॉलीवुड तैयार करेगा आर्य समाज पर लघु फिल्म
आर्य समाज की स्थापना में स्वामी दयानंद सरस्वती का अहम योगदान है। उनके योगदान को विश्व फलक तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल अजय सहगल ने बताया कि दयानंद की 200वीं जयंती पर बॉलीवुड उनके जीवन पर आधारित लघु फिल्म तैयार करेगा। जिसके लिए विद्वानों से विचार विमर्श हो रहा है।
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महाविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्र प्रहरी सम्मेलन में डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि किसी भी सभ्य, विकसित और श्रेष्ठ समाज का निर्माण उस देश के शिक्षित नागरिकों द्वारा किया जाता है और नारी इस कड़ी का केवल महत्वपूर्ण आधार ही नहीं, बल्कि अनिवार्य शर्त है। सम्मेलन में हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश वीरेंद्रदत्त ज्ञानी ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए हमें राम प्रसाद बिस्मिल जैसे वीरों को तैयार करना होगा। जिन्होंने स्वयं से पहले राष्ट्र की चिंता की। लखनऊ से आए डॉ. रूपचंद्र दीपक ने कहा कि वेद पढ़ने वाला ही सच्चा प्रहरी है। इस दौरान स्वामी संपूर्णानंद ने आर्य समाज के स्थापना करने वाले दयानंद सरस्वती के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। पतंजलि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. महावीर अग्रवाल ने कहा कि हमारी संस्कृति वेदों की संस्कृति है, इस संस्कृ ति को बचाने में हमारे गुरुकुल अच्छा काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में वेदपाठी कन्याओं ने स्वागत गीत से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वस्ती आर्या द्वारा ‘देश का हिंदू सोया.... कविता का पाठ पर खूब तालियां बजी। इसके बाद छात्राओं द्वारा अष्टाध्यायी अंताक्षरी देखकर सभी ने उनकी सराहना की। तीसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत 50 कुंडीय राष्ट्रभृत महायज्ञ से हुई। स्वर्ण जयंती समारोह का समापन आर्य वीरांगनाओं ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया।
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पुस्तक का हुआ विमोचन
स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। इसमें डॉ. भवानीलाल भारतीय द्वारा महाविद्यालय की पूर्व आचार्य प्रज्ञा जी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रज्ञालोक पुस्तक का विमोचन हुआ। वहीं कन्या उपनयन विधि पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से मान्यता देने की उठी मांग
स्वर्ण जयंती समारोह पर आए विद्वान छात्राओं का शस्त्र व शास्त्र का प्रदर्शन देखकर काफी खुश थे। ऐसे में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने पाणिनि कन्या को राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से मान्यता देने की मांग उठाई। जिसे कुलपति डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
बॉलीवुड तैयार करेगा आर्य समाज पर लघु फिल्म
आर्य समाज की स्थापना में स्वामी दयानंद सरस्वती का अहम योगदान है। उनके योगदान को विश्व फलक तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल अजय सहगल ने बताया कि दयानंद की 200वीं जयंती पर बॉलीवुड उनके जीवन पर आधारित लघु फिल्म तैयार करेगा। जिसके लिए विद्वानों से विचार विमर्श हो रहा है।