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विदेश नीति में राष्ट्र की समृद्धता और सुरक्षा भारत की प्राथमिकता
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बीएचयू राजनीति विज्ञान विभाग में परिचर्चा में विदेश मंत्रालय में विशेष कार्याधिकारी सी राजशेखर ने विदेश नीति से जुड़े अहम बिंदुओं पर चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भारत की विदेश नीति में राष्ट्र की समृद्धता और सुरक्षा की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने भारत के पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान सरकार के प्रयासों की चर्चा की।
एचएन त्रिपाठी सभागार में कार्यक्रम में राजशेखर ने यह भी बताया कि वर्तमान में विदेश नीति ने आम जीवन को कैसे प्रभावित किया है। वर्तमान सरकार की विदेश नीति के सामरिक और सुरक्षा के पहलू के इतर आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयासों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, 400 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की प्राप्ति पर चर्चा की। कहा कि वर्तमान सरकार की नीति निर्माण में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों की भूमिका भी विदेशी संबंध बेहतर करने में अहम है। उन्होंने ‘काशी से क्योटो’ की परिकल्पना के बारे में भी बताया। इस दौरान विदेश नीति और उससे जुड़े छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. शुभाराव, संचालन प्रो. अभिनव शर्मा, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. तेज प्रताप सिंह ने किया।
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एचएन त्रिपाठी सभागार में कार्यक्रम में राजशेखर ने यह भी बताया कि वर्तमान में विदेश नीति ने आम जीवन को कैसे प्रभावित किया है। वर्तमान सरकार की विदेश नीति के सामरिक और सुरक्षा के पहलू के इतर आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयासों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, 400 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की प्राप्ति पर चर्चा की। कहा कि वर्तमान सरकार की नीति निर्माण में केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यों की भूमिका भी विदेशी संबंध बेहतर करने में अहम है। उन्होंने ‘काशी से क्योटो’ की परिकल्पना के बारे में भी बताया। इस दौरान विदेश नीति और उससे जुड़े छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. शुभाराव, संचालन प्रो. अभिनव शर्मा, धन्यवाद ज्ञापन प्रो. तेज प्रताप सिंह ने किया।
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