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उत्सव के रूप में मनाया जाए प्रवासी भारतीय सम्मेलनः पीएम मोदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 26 Aug 2018 01:20 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों पर प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में काशी के सजाने और संवारने के साथ ही विदेशों में सकारात्मक छवि बनाने को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब-तक 14 बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन हुए हैं और वह सब सरकारी आयोजन थे। 15वें सम्मेलन में काशी का आयोजन बनाना है और इसके लिए आयोजन से पहले पूरे शहर में सकारात्मक माहौल बनाकर लोगों को इस सम्मेलन से जोड़ना होगा।
विदेश मंत्रालय ने सम्मेलन की तैयारियों को लेकर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया। इसके बाद तय हुआ कि 27 अगस्त को पीएमओ और विदेश मंत्रालय की संयुक्त टीम वाराणसी का दौरा कर सम्मेलन के आयोजन स्थल सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देगी।
21 से 23 जनवरी को आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले साफ-सफाई, लाइटिंग, वाल पेंटिंग के जरिये शहर को सजाने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से सम्मेलन स्थल, तीन दिन की कार्ययोजना और अब-तक हुई तैयारी की जानकारी ली।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के लोगों को इस सम्मेलन के लिए जागरूक भी करना होगा ताकि विदेशों से आने वाले काशी को दिल में बसाकर जाएं और इसके जरिये पूरे प्रदेश की सकारात्मक छवि उनके दिमाग में बने। प्रदेश में पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट आदि का प्रदर्शन विश्व के समक्ष किया जाए।
शहर के ड्राइवर, रिक्शा चालक, नाविकों को प्रशिक्षण दिया जाए। अभी से काशी में कार्यक्रमों की शृंखला के जरिये लोगों को जोड़ा जाए। इसमें विभिन्न यात्राएं, जुलूस, प्रतियोगिता, विभिन्न देशों के झंडे के साथ गंगा में नाव रेस जन सहभागिता को बढ़ाया जाए। काशी के रहने वाले प्रवासी भारतीयों को महापौर की ओर से निमंत्रण पत्र भेजा जाए।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से सम्मेलन की तैयारियों को लेकर निर्देश मिले हैं और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी कोशिश होगी। सोमवार को भारत सरकार की टीम बीएचयू सहित अन्य प्रस्तावित आयोजन स्थलों का निरीक्षण करेगी। इसके बाद आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय होगा। इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भारत सरकार के अधिकारी और वाराणसी के डीएम सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, महीने में एक दिन सफाई अभियान को जन आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाए। धार्मिक स्थलों के साथ व्यापारियों और लोगों से घरों में रोशनी के लिए उत्साहित करें। प्रवासी भारतीयों को जोड़ने के लिए ‘भारत को जानो’ क्विज शुरू किया जाए।
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विदेश मंत्रालय ने सम्मेलन की तैयारियों को लेकर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया। इसके बाद तय हुआ कि 27 अगस्त को पीएमओ और विदेश मंत्रालय की संयुक्त टीम वाराणसी का दौरा कर सम्मेलन के आयोजन स्थल सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देगी।
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21 से 23 जनवरी को आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले साफ-सफाई, लाइटिंग, वाल पेंटिंग के जरिये शहर को सजाने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से सम्मेलन स्थल, तीन दिन की कार्ययोजना और अब-तक हुई तैयारी की जानकारी ली।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के लोगों को इस सम्मेलन के लिए जागरूक भी करना होगा ताकि विदेशों से आने वाले काशी को दिल में बसाकर जाएं और इसके जरिये पूरे प्रदेश की सकारात्मक छवि उनके दिमाग में बने। प्रदेश में पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट आदि का प्रदर्शन विश्व के समक्ष किया जाए।
शहर के ड्राइवर, रिक्शा चालक, नाविकों को प्रशिक्षण दिया जाए। अभी से काशी में कार्यक्रमों की शृंखला के जरिये लोगों को जोड़ा जाए। इसमें विभिन्न यात्राएं, जुलूस, प्रतियोगिता, विभिन्न देशों के झंडे के साथ गंगा में नाव रेस जन सहभागिता को बढ़ाया जाए। काशी के रहने वाले प्रवासी भारतीयों को महापौर की ओर से निमंत्रण पत्र भेजा जाए।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से सम्मेलन की तैयारियों को लेकर निर्देश मिले हैं और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी कोशिश होगी। सोमवार को भारत सरकार की टीम बीएचयू सहित अन्य प्रस्तावित आयोजन स्थलों का निरीक्षण करेगी। इसके बाद आयोजन स्थल पर अंतिम निर्णय होगा। इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भारत सरकार के अधिकारी और वाराणसी के डीएम सुरेंद्र सिंह मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, महीने में एक दिन सफाई अभियान को जन आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाए। धार्मिक स्थलों के साथ व्यापारियों और लोगों से घरों में रोशनी के लिए उत्साहित करें। प्रवासी भारतीयों को जोड़ने के लिए ‘भारत को जानो’ क्विज शुरू किया जाए।
रंगीन रोशनी से जगमग होगा शहर
प्रवासी भारतीय सम्मेलन
प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले पूरे शहर को सुंदर बनाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। इसमें सबसे अहम साफ सफाई, डायनिमिक लाइट्स और दीवारों पर पेंटिँग को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई है। शहर के प्रमुख इमारतों और क्षेत्रों को रंगीन रोशनी में जगमग किया जाएगा। इसके अलावा दीवारों पर काशी का आध्यात्म और इतिहास उकेरा जाएगा।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर लखनऊ में हुई बैठक में प्रमुख सचिव ने समीक्षा की। इसमें विदेश मंत्रालय की ओर से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन होगा और प्रदेश के अधिकारी अपनी तैयारियां बताएंगे।
लखनऊ में शुक्रवार को प्रमुख सचिव एनआरआई की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले शहर के प्रत्येक प्रमुख सड़कों पर फसाड़ लाइट्स लगा दी जाएंगी। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की कार्ययोजना बताई गई।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि शहर की सड़कों का रुट मैप तैयार किया जाए और उन्हें नये सिरे से बनाया जाये। ताकि दुनिया भर से आने वाले अप्रवासियों को शहर में भ्रमण के दौरान दिक्कत नहीं आए। अप्रवासियों के ठहरने, यातायात, खानपान को लेकर भी चर्चा की गई।
दुनिया भर से आने वाले अप्रवासियों को बीएचयू और डीरेका में ठहराया जाएगा। सम्मेलन में सहयोग के लिए डीएम सुरेंद्र सिंह ने बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी के अधिकारियों को काशी की विरासत को विभिन्न माध्यमों से दिखाने का निर्देश दिया। अतिथि देवों भव: का संदेश देने के लिए 500 प्रवासियों को घरों में ठहराने की व्यवस्था बने। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर लखनऊ में हुई बैठक में प्रमुख सचिव ने समीक्षा की। इसमें विदेश मंत्रालय की ओर से पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन होगा और प्रदेश के अधिकारी अपनी तैयारियां बताएंगे।
लखनऊ में शुक्रवार को प्रमुख सचिव एनआरआई की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले शहर के प्रत्येक प्रमुख सड़कों पर फसाड़ लाइट्स लगा दी जाएंगी। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की कार्ययोजना बताई गई।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि शहर की सड़कों का रुट मैप तैयार किया जाए और उन्हें नये सिरे से बनाया जाये। ताकि दुनिया भर से आने वाले अप्रवासियों को शहर में भ्रमण के दौरान दिक्कत नहीं आए। अप्रवासियों के ठहरने, यातायात, खानपान को लेकर भी चर्चा की गई।
दुनिया भर से आने वाले अप्रवासियों को बीएचयू और डीरेका में ठहराया जाएगा। सम्मेलन में सहयोग के लिए डीएम सुरेंद्र सिंह ने बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी के अधिकारियों को काशी की विरासत को विभिन्न माध्यमों से दिखाने का निर्देश दिया। अतिथि देवों भव: का संदेश देने के लिए 500 प्रवासियों को घरों में ठहराने की व्यवस्था बने। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।