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Narak Chaturdashi: जानिए- पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मान्यता, छोटी दिवाली को क्यों कहते हैं नरक चतुर्दशी?

Sun, 23 Oct 2022 11:03 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 23 Oct 2022 11:03 AM IST
सार

पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 03 मिनट से हो रही है। वहीं चतुर्दशी तिथि का समापन 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 27 मिनट पर होगा।

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Narak Chaturdashi worship method auspicious time and recognition why is Choti Diwali called Narak Chaturdashi
नरक चतुर्दशी की परंपरा - फोटो : amar ujala

विस्तार

दीपावली की शुरुआत कल यानि 23 अक्तूबर 2022 से हो रही है। दीपावली पांच दिनों का पर्व होता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। इसके बाद छोटी दिवाली और दीपावली मनाई जाती है। दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व आता है। हालांकि इस बार छोटी दिवाली और दीपावली एक ही दिन मनाई जा रही है। 23 अक्तूबर से नरक चतुर्दशी की तिथि लग रही है। वहीं दिवाली के दिन यानी 24 अक्तूबर को छोटी दिवाली और प्रकाश पर्व दीपावली मनाई जा रही है। 
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इसे छोटी दिवाली, रूप चौदस, नरक चौदस, रूप चतुर्दशी अथवा नरका पूजा के नामों से भी जाना जाता है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विधान है। रूप चौदस के दिन संध्या के समय दीपक जलाए जाते हैं और चारों ओर रोशनी की जाती है। नरक चतुर्दशी का पूजन अकाल मृत्यु से मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किया जाता है। एक पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने कार्तिक माह को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन नरकासुर का वध करके देवताओं और ऋषियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलवाई थी। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल नरक चतुर्दशी कब है... 
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Narak Chaturdashi worship method auspicious time and recognition why is Choti Diwali called Narak Chaturdashi
नरक चतुर्दशी पर क्यों जलाया जाता है यम के नाम का दिया - फोटो : istock
नरक चतुर्दशी 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 03 मिनट से हो रही है। वहीं चतुर्दशी तिथि का समापन 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार नरक चतुर्दशी 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

नरक चतुर्दशी 2022 की पूजा विधि
  • नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहन लें। 
  • नरक चतुर्दशी के दिन यमराज, श्री कृष्ण, काली माता, भगवान शिव, हनुमान जी और विष्णु जी के वामन रूप की विशेष पूजा की जाती है। 
  • घर के ईशान कोण में इन सभी देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित करके विधि पूर्वक पूजन करें। 
  • देवताओं के सामने धूप दीप जलाएं, कुमकुम का तिलक लगाएं और मंत्रो का जाप करें। 
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Narak Chaturdashi worship method auspicious time and recognition why is Choti Diwali called Narak Chaturdashi
नरक चतुर्दशी 2022 - फोटो : amar ujala
छोटी दिवाली को क्यों कहते हैं नरक चतुर्दशी?

हिंदू मान्यता के मुताबिक, इस दिन भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था। नरकासुर के बंदी गृह में 16 हजार से ज्यादा महिलाएं कैद थीं, जिन्हें भगवान कृष्ण ने आजाद कराया था। तब से छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी के तौर पर मनाया जाता है।

क्या है मान्यता ?
ऐसी मान्यता है कि नरक चतुर्दशी के दिन यमदेव की पूजा करने अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है। साथ ही सभी पापों का नाश होता है, इसलिए शाम के समय यमदेव की पूजा करें और घर के दरवाजे के दोनों तरफ दीप जरूर जलाएं।  
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