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पात्रता सूची में नाम नहीं, आरटीई के तहत हो गया दाखिला
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शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत जिले के एक विद्यालय में तीन ऐसे बच्चों का दाखिला ले लिया गया है, जिनका नाम पात्रता सूची में नहीं था। वहीं, शिक्षा विभाग से भेजी गई सूची का भी मिलान नहीं किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। बीएसए ने विद्यालय और अभिभावकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। विद्यालयों में आरटीई के तहत दाखिले का हर साल सत्यापन कराया जाता है। बताया जा रहा है कि बीएसए कार्यालय को जो गड़बड़ी मिली है, उसमें सत्र 2019-20 में साइमन पटेल व सत्र 2020-21 में वंशिका सिंह, हितेश आर्यन श्रीवास्तव का नाम आरटीई के सूची में नहीं था। इन बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत बड़ा लालपुर स्थित ज्ञानदीप विद्यालय में करा लिया गया। विद्यालय द्वारा बच्चों की शुल्क प्रतिपूर्ति की मांग को अपलोड करने के बाद जब विभाग ने बच्चों के नामों के लिस्ट का मिलान किया तब मामले का खुलासा हुआ। विभाग का मानना है कि सख्ती से जांच की गई तो ऐसे कई और मामले सामने आ सक ते हैं।
जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
आरटीई के तहत फर्जी तरीके से स्कूल में दाखिले के मामले में स्कूल व अभिभावकों दोनों के खिलाफ विभाग ने जांच बैठा दी है। स्कूल को बच्चों के प्रवेश संबंधी विवरण, आवंटन सूची व अन्य अभिलेखों के साथ प्रवेश संबंधी स्पष्ट आख्या तीन दिनों के भीतर जांच कमेटी के सामने प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दोषी अभिभावकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मौजूदा सत्र में 8799 बच्चे चयनित किए गए हैं। जिसमें अभी 6300 का आरटीई में प्रवेश हो चुका है, मगर जो जांच के घेरे में आए हैं वह पिछले सत्र के बच्चे हैं। दोषियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
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- राकेश सिंह, बीएसए
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जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई
आरटीई के तहत फर्जी तरीके से स्कूल में दाखिले के मामले में स्कूल व अभिभावकों दोनों के खिलाफ विभाग ने जांच बैठा दी है। स्कूल को बच्चों के प्रवेश संबंधी विवरण, आवंटन सूची व अन्य अभिलेखों के साथ प्रवेश संबंधी स्पष्ट आख्या तीन दिनों के भीतर जांच कमेटी के सामने प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दोषी अभिभावकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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मौजूदा सत्र में 8799 बच्चे चयनित किए गए हैं। जिसमें अभी 6300 का आरटीई में प्रवेश हो चुका है, मगर जो जांच के घेरे में आए हैं वह पिछले सत्र के बच्चे हैं। दोषियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
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- राकेश सिंह, बीएसए