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सात माह बाद सौ लोगों ने साथ पढ़ी जुमे की नमाज
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अनलॉक में शासन से नियमों में छूट मिली तो प्रशासन ने भी मस्जिदों में सामूहिक नमाज की अनुमति दे दी। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सात माह बाद सौ नमाजियों ने एक साथ जुमे की नमाज अदा की और अल्लाह का शुक्र अदा किया।
शुक्रवार को शहर की मस्जिदें जुमे की नमाज पर आम लोगों के लिए भी खोल दी गईं। नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में सजदा ए शुक्र कर मुल्क से महामारी के खात्मे की दुआ मांगी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सौ आदमियों को एक साथ नमाज अदा करने की अनुमति जारी की। शहर की मस्जिदों को पहले सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद जैसे ही नमाज का समय हुआ नमाजी मस्जिदों में मास्क लगाकर पहुंचने लगे थे। मुफ्ती ए बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ने नमाजियों से अपील की है कि वह सौ से अधिक लोग किसी भी हालत में मस्जिदों तक न पहुंचें। इसके अलावा मास्क लगाकर ही मस्जिदों में प्रवेश करें। इसके साथ ही चटाई या दरी की जगह फर्श पर नमाज अदा करने की कोशिश करें। घर से ही वजू करके आएं और मस्जिद में एक दूसरे से जरूरी फासला रखें।
शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि अल्लाह का शुक्र है कि इस वबा के दौर में उसके बंदों को उसकी बारगाह में इबादत करने का मौका शासन ने दिया है। नमाजियों का कहना था कि दिल को आज सात महीनों के बाद सुकून मिला है।
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शुक्रवार को शहर की मस्जिदें जुमे की नमाज पर आम लोगों के लिए भी खोल दी गईं। नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में सजदा ए शुक्र कर मुल्क से महामारी के खात्मे की दुआ मांगी। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सौ आदमियों को एक साथ नमाज अदा करने की अनुमति जारी की। शहर की मस्जिदों को पहले सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद जैसे ही नमाज का समय हुआ नमाजी मस्जिदों में मास्क लगाकर पहुंचने लगे थे। मुफ्ती ए बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ने नमाजियों से अपील की है कि वह सौ से अधिक लोग किसी भी हालत में मस्जिदों तक न पहुंचें। इसके अलावा मास्क लगाकर ही मस्जिदों में प्रवेश करें। इसके साथ ही चटाई या दरी की जगह फर्श पर नमाज अदा करने की कोशिश करें। घर से ही वजू करके आएं और मस्जिद में एक दूसरे से जरूरी फासला रखें।
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शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि अल्लाह का शुक्र है कि इस वबा के दौर में उसके बंदों को उसकी बारगाह में इबादत करने का मौका शासन ने दिया है। नमाजियों का कहना था कि दिल को आज सात महीनों के बाद सुकून मिला है।
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